Noida Ghaziabad Wage Hike श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 21% तक बढ़ोतरी, लाखों को राहत

Noida Ghaziabad Wage Hike श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 21% तक बढ़ोतरी, लाखों को राहत
Noida और Ghaziabad के श्रमिकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उच्च स्तरीय समिति ने न्यूनतम वेतन में अधिकतम 21 प्रतिशत तक वृद्धि करने की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग श्रेणियों और शहरों के आधार पर लागू होगी, जिससे विभिन्न वर्गों के श्रमिकों को उनकी जरूरत के अनुसार लाभ मिल सके।
समिति के अध्यक्ष Deepak Kumar ने बताया कि हालिया घटनाक्रम और श्रमिक आंदोलन को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में यह वृद्धि सबसे अधिक रखी गई है। यह अंतरिम वेतन वृद्धि 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी, जबकि समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंपेगी।
नई दरों के अनुसार अब कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,025 कर दिया गया है। अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12,445 से बढ़कर ₹15,059 और अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,690 प्रति माह कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
समिति में Alok Kumar, Shanmuga Sundaram MK और Markandey Shahi भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अगले महीने वेज बोर्ड की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी और उसकी सिफारिशों के आधार पर स्थायी न्यूनतम वेतन निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रेसवार्ता के दौरान Greater Noida में अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य, पेंशन और उनके बच्चों की शिक्षा से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है। इस मौके पर जिलाधिकारी Medha Rupam और यीडा के सीईओ R K Singh भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा नगर निगम क्षेत्रों और अन्य जनपदों के लिए भी अलग-अलग वेतन दरें तय की गई हैं। नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹11,313 से बढ़ाकर ₹13,006, अर्धकुशल का ₹12,445 से बढ़ाकर ₹14,306 और कुशल श्रमिकों का ₹13,940 से बढ़ाकर ₹16,025 कर दिया गया है। वहीं अन्य जनपदों में अकुशल श्रमिकों का वेतन ₹12,356, अर्धकुशल का ₹13,591 और कुशल श्रमिकों का ₹15,224 निर्धारित किया गया है।
सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों को राहत मिलेगी और औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिरता कायम होगी। यह निर्णय हालिया श्रमिक आंदोलनों के बीच एक संतुलित कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे श्रमिकों और उद्योगों के बीच सामंजस्य बेहतर होने की संभावना है।





