Greater Noida Traffic Park: जहांगीरपुर में बनेगा आधुनिक ट्रैफिक पार्क, बच्चों और चालकों को मिलेगा रियल रोड अनुभव

Greater Noida Traffic Park: जहांगीरपुर में बनेगा आधुनिक ट्रैफिक पार्क, बच्चों और चालकों को मिलेगा रियल रोड अनुभव
ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जहांगीरपुर क्षेत्र में एक आधुनिक ट्रैफिक पार्क विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है, जहां लोगों को वास्तविक सड़कों जैसा अनुभव देकर नियमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह ट्रैफिक पार्क करीब एक एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए Yamuna Expressway Industrial Development Authority (यीडा) निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगा। इस परियोजना को Honda कंपनी के सहयोग से तैयार किया जाएगा और इसका संचालन प्राधिकरण व कंपनी मिलकर करेंगे।
प्राधिकरण के अनुसार, इस ट्रैफिक पार्क में सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी प्रमुख तत्व शामिल होंगे। यहां ट्रैफिक सिग्नल, गोलचक्कर, चौराहे, जेब्रा क्रॉसिंग और विभिन्न साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण लेने वालों को बिल्कुल असली सड़क जैसा माहौल मिल सके। इसके साथ ही ड्राइविंग ट्रैक और सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण की भी व्यवस्था होगी, जिससे लोग जोखिम भरी परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कर सकेंगे।
इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि इस ट्रैफिक पार्क को एक वर्ष के भीतर तैयार कर लिया जाए।
सड़क हादसों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह पहल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यातायात नियमों की जानकारी की कमी और लापरवाही ही अधिकांश दुर्घटनाओं की वजह बनती है। ऐसे में यह ट्रैफिक पार्क न सिर्फ चालकों को प्रशिक्षित करेगा, बल्कि बच्चों को भी छोटी उम्र से ही ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक बनाएगा।
पार्क में बच्चों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां उन्हें साइकिल या छोटे वाहनों के माध्यम से ट्रैफिक नियम सिखाए जाएंगे। इससे नई पीढ़ी में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
यीडा के सीईओ आरके सिंह का कहना है कि इस ट्रैफिक पार्क से लोगों में यातायात नियमों के प्रति समझ बढ़ेगी और सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी। यह पहल ग्रेटर नोएडा को एक सुरक्षित और जागरूक शहर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।





