Yamuna Expressway Industrial Corridor: यमुना एक्सप्रेस-वे बन रहा बहुक्षेत्रीय औद्योगिक कॉरिडोर, कई सेक्टर आधारित प्रोजेक्ट तैयार
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र तेजी से एक बड़े बहुक्षेत्रीय औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। पारंपरिक औद्योगिक प्लॉटिंग से आगे बढ़ते हुए अब यहां सेक्टर आधारित संगठित आर्थिक ढांचे पर काम किया जा रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में यहां कई बड़े औद्योगिक और थीम आधारित प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र को हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाना है।
यीडा क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, टॉय सिटी और अपैरल पार्क जैसे प्रोजेक्ट पहले से विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रस्तावित फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर आधारित थीम सिटीज इस पूरे क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे औद्योगिक पार्कों में सेक्टर-28 में लगभग 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा है। सेक्टर-24 में 200 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। वहीं सेक्टर-33 में 100 एकड़ में टॉय सिटी और सेक्टर-29 में 175 एकड़ में अपैरल पार्क स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा सेक्टर-21 में करीब 1000 एकड़ क्षेत्र में फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित है, जो फिल्म और मनोरंजन उद्योग को नया प्लेटफॉर्म देगा।
इसी क्रम में सेक्टर-11 में लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है, जिससे उद्योगों को आधुनिक तकनीक और वित्तीय सुविधाएं मिल सकें।
यीडा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत सेक्टर-5ए में जापानी सिटी, सेक्टर-4 में कोरियन सिटी और सेक्टर-7 में सिंगापुर सिटी विकसित करने के लिए लगभग 500-500 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इन परियोजनाओं का मकसद केवल विदेशी निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि संबंधित देशों की तकनीक, प्रबंधन प्रणाली और औद्योगिक कार्य संस्कृति को भी यहां के औद्योगिक ढांचे में शामिल करना है।
औद्योगिक विकास को मजबूत बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई सेक्टर पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टप्पल क्षेत्र में लगभग 200 एकड़ में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने की योजना है, जो पूरे औद्योगिक कॉरिडोर की आपूर्ति और वितरण प्रणाली को मजबूत करेगा। इसके अलावा सेक्टर-29 में करीब 200 एकड़ में एमएसएमई पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़े उद्योगों के साथ जोड़ने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र न केवल औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि इससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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