Greater Noida Protest: ग्रेटर नोएडा में ‘वन सिटी वन ऑपरेटर’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन तेज, 800 पंप ऑपरेटरों की नौकरी पर खतरा, किसानों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी

Greater Noida Protest: ग्रेटर नोएडा में ‘वन सिटी वन ऑपरेटर’ योजना के खिलाफ प्रदर्शन तेज, 800 पंप ऑपरेटरों की नौकरी पर खतरा, किसानों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा में ‘वन सिटी वन ऑपरेटर’ योजना के विरोध में पंप ऑपरेटरों और किसान संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा और नलकूप संगठन के सैकड़ों सदस्यों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए इस योजना को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह योजना न केवल रोजगार छीनने वाली है, बल्कि जल आपूर्ति व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी नारेबाज़ी करते हुए मुख्य द्वार पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग पत्र प्राधिकरण अधिकारियों को सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि समाधान नहीं मिला तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे और आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी।
किसान नेता कृष्ण नागर ने कहा कि ‘वन सिटी वन ऑपरेटर’ योजना के लागू होने से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में काम कर रहे लगभग 800 पंप ऑपरेटरों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। उनका आरोप है कि प्राधिकरण उन सभी को हटाकर यह काम किसी बड़े ठेकेदार को देना चाहता है, जिससे हजारों परिवारों का भविष्य अंधकार में जा सकता है। नागर ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था गांवों और सेक्टरों में सुचारू रखने में इन ऑपरेटरों की अहम भूमिका है और इन्हें हटाना जनता के हित में बिल्कुल नहीं है।
उन्होंने यह भी मांग की कि सभी ऑपरेटरों को ‘जेम पोर्टल’ से जोड़ा जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और श्रमिकों का शोषण रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ रोजगार बचाने भर का नहीं है, बल्कि सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। यदि किसी भी ऑपरेटर को नौकरी से हटाया गया, तो संगठन बड़े स्तर के आंदोलन और सड़क से सदन तक आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भी समर्थन देते हुए कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालना चाहिए, अन्यथा यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकार या प्राधिकरण समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता, तो पानी जैसी मूलभूत सेवा की व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा है।
यह मुद्दा आगामी दिनों में क्षेत्र की राजनीति और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, क्योंकि पंप ऑपरेटरों का सवाल हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
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