Noida Pollution Control: नोएडा में प्रदूषण नियंत्रण अभियान तेज, GRAP उल्लंघन पर 14.95 लाख की कार्रवाई, धूल रोकथाम और निगरानी पर फोकस
नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कमीशन फ़ॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के बाद नोएडा प्राधिकरण ने Graded Response Action Plan (GRAP) के सख्त पालन के लिए व्यापक अभियान चलाया है। प्राधिकरण ने नियमों का उल्लंघन करने वाली निर्माण परियोजनाओं, उद्योगों और अन्य जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 14,95,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
प्राधिकरण के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण के लिए बनाए गए 14 विशेष निरीक्षण दल लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। इन टीमों का लक्ष्य प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करना और वहीं मौके पर कार्रवाई करना है, ताकि वायु गुणवत्ता में त्वरित सुधार लाया जा सके।
धूल प्रदूषण रोकने के लिए शहर की मुख्य सड़कों पर बड़े पैमाने पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि रोजाना 60 वॉटर टैंकरों की मदद से लगभग 260 से 280 किलोमीटर सड़क पर वाटरिंग की जा रही है। वहीं, 14 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें प्रतिदिन 340 किलोमीटर मार्ग की मशीनों द्वारा सफाई कर रही हैं, जिससे उड़ती धूल में नियंत्रण पाया जा रहा है।
उद्यान विभाग भी प्रदूषण नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। शहर में 25 वाटर टैंकर हर दिन पेड़-पौधों और हरित क्षेत्रों की सिंचाई में लगे हैं, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके। इसके अलावा 98 स्टैटिक फॉगिंग मशीनें और 10 मोबाइल फॉगिंग यूनिट्स लगातार कार्यरत हैं, जो शाम और सुबह के समय विभिन्न स्थानों पर प्रदूषण नियंत्रण गतिविधियों को अंजाम दे रही हैं।
निर्माण एवं विध्वंस (Construction & Demolition) कचरे के निस्तारण को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सेक्टर-80 स्थित C&D वेस्ट प्लांट 400 TPD क्षमता के साथ संचालित है और अब तक 12,199 टन कचरे का उठान और प्रोसेसिंग हो चुकी है, जिससे खुले में कचरा फैलने और धूल उड़ने की समस्या में कमी आई है।
निरीक्षण में शामिल अधिकारी लगातार निर्माण स्थलों, खुले भूखंडों और सड़कों पर निगरानी बनाए हुए हैं। जहां भी GRAP नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तुरंत चालान जारी किया जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और कठोर होगा और किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह सख्त अभियान वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार लाने और शहरवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
