Dwarka Accident Case: दिल्ली में नाबालिग की तेज रफ्तार ने छीनी 23 वर्षीय साहिल की जान

Dwarka Accident Case: दिल्ली में नाबालिग की तेज रफ्तार ने छीनी 23 वर्षीय साहिल की जान
रिपोर्ट: तीर्थांकर सरकार
दिल्ली के द्वारका की सड़कों पर बिखरा खून केवल एक सड़क हादसे का निशान नहीं है, बल्कि एक मां के 23 साल के सपनों का अंत है। 23 वर्षीय साहिल धनेश्रा की जिंदगी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो और सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक की भेंट चढ़ गई। साहिल अपनी सिंगल मदर इन्ना माकन की पूरी दुनिया था। वह बीबीए की पढ़ाई कर रहा था और उसका सपना था कि वह विदेश जाकर मास्टर्स करे। अगस्त में उसे यूके के लिए उड़ान भरनी थी। वह खुद ही मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी में एडमिशन की प्रक्रिया, डॉक्यूमेंटेशन और इंश्योरेंस से जुड़ी सभी तैयारियां कर रहा था ताकि मां पर आर्थिक बोझ न पड़े। आज घर में उसके हाथों से लिखे करियर नोट्स तो हैं, लेकिन उन्हें पूरा करने वाला साहिल अब इस दुनिया में नहीं है।
यह हादसा उसके जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुआ। जिस घर में जश्न की तैयारी होनी थी, वहां मातम पसरा है। इन्ना माकन अब भी सदमे में हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा, जो उनका भविष्य था, अब कभी वापस नहीं आएगा।
जांच में सामने आया कि स्कॉर्पियो चला रहा लड़का 17 साल का नाबालिग था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। आरोप है कि वह रील बनाने के लिए तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। 3 फरवरी की सुबह साहिल ऑफिस जा रहा था और ऑफिस से महज 200 मीटर दूर था, तभी सामने वाली सोसाइटी से तेज रफ्तार स्कॉर्पियो उसकी लेन में आ गई। बताया गया कि आरोपी लेफ्ट मुड़ते ही फुल स्पीड में आ गया और विपरीत दिशा में गाड़ी चलाने लगा।
मां के अनुसार, एफआईआर में शुरुआत में आरोपी की उम्र 19 साल दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में उसे नाबालिग बताया गया। स्कॉर्पियो में उसकी बहन भी मौजूद थी और दोनों रील बनाने निकले थे। कथित तौर पर बनाई गई रील में गाड़ी की खतरनाक स्पीड साफ नजर आती है। बताया गया कि स्कॉर्पियो विपरीत लेन में बस के सामने स्टंट कर रही थी। बस ड्राइवर ने टक्कर से बचने के लिए गाड़ी धीमी कर दी।
साहिल उसी बस के पीछे अपनी लेन में चल रहा था। बस के बाईं ओर ई-रिक्शा होने के कारण साहिल को आगे निकलने के लिए दाईं ओर देखना पड़ा। जैसे ही उसने राइट देखा, उसी क्षण स्कॉर्पियो ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी ने आगे खड़ी एक कैब को भी जोरदार टक्कर मारी, जिससे कैब बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके चालक को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर का असर इतना तेज था कि पास खड़ी बस भी कई फीट पीछे खिसक गई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। हालांकि, 10 फरवरी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा का हवाला देते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी। इन्ना माकन का कहना है कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक कृत्य है। उनका आरोप है कि आरोपी पर पहले भी ओवरस्पीडिंग के चालान थे, फिर भी उसे गाड़ी चलाने से नहीं रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना लाइसेंस नाबालिग को लग्जरी गाड़ी कैसे दी गई और अब तक उसके अभिभावकों पर क्या कार्रवाई हुई।
इन्ना माकन ने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बिना लाइसेंस और ड्राइविंग समझ के बच्चों को वाहन न सौंपें। एक पल की लापरवाही किसी का पूरा जीवन उजाड़ सकती है। उनका कहना है कि उनके बेटे की मौत बेकार नहीं जानी चाहिए और इस मामले में ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सोशल मीडिया की सनक और रफ्तार का घमंड सड़कों को कितना खतरनाक बना रहा है। क्या कानून का डर खत्म हो रहा है, या फिर समाज को अब और सख्ती की जरूरत है—यह सवाल आज हर उस परिवार के सामने है जो अपने बच्चों को सुरक्षित घर लौटते देखना चाहता है।




