
DIGITAL SWASTHYA : डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार कर रही सरकार, जाधव ने गिनाईं योजनाएं
नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के 49वें वार्षिक दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़कर आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतापराव जाधव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। इसके लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से देश में एक मजबूत डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इन केंद्रों के जरिए ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही देशभर में टीकाकरण कार्यक्रमों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को समय पर वैक्सीन मिल सके और संक्रामक बीमारियों से बचाव हो सके।
समारोह में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सुनीता शर्मा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील विलासराव गित्ते और डीन प्रोफेसर वी.के. तिवारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील विलासराव गित्ते ने पिछले एक वर्ष में संस्थान द्वारा हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान ने जन स्वास्थ्य प्रशिक्षण, अनुसंधान और विभिन्न सहयोगात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कार्यक्रम में जन स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक मजबूत बनाने, स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षमता निर्माण तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार बेहद जरूरी हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर संस्थान के वार्षिक प्रकाशन ‘धारणा’, एचपीपीआई जर्नल और प्लेसमेंट ब्रोशर का भी विमोचन किया गया। इसके साथ ही संस्थान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने सराहा।




