
Delhi Book Fair 2026: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026: ‘सेना के शौर्य और विवेक’ की गाथा से सजा साहित्य का सबसे बड़ा महाकुंभ, प्रवेश निशुल्क
नई दिल्ली, 7 जनवरी: इस वर्ष नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 पाठकों के लिए एक ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं विवेक @75’ थीम पर आधारित यह मेला केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा, बलिदान और गौरवशाली सैन्य विरासत को समर्पित एक सशक्त मंच भी है।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित 9 दिवसीय मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से अधिक प्रकाशक भाग ले रहे हैं, जबकि 600 से अधिक आयोजनों में 1,000 से अधिक वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष मेले में 20 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। पहली बार पुस्तक मेले में प्रवेश सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। बच्चों के लिए आयोजित किसी भी मनोरंजक गतिविधि पर भी कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, ताकि युवा पाठकों को सहज और आनंददायक अनुभव मिल सके।
मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे। उनके साथ कतर और स्पेन के संस्कृति मंत्री भी उपस्थित रहेंगे। इस वर्ष स्पेन फोकस देश है, जबकि कतर विशेष अतिथि देश के रूप में भाग ले रहा है।
मुख्य आकर्षण लगभग 1,000 वर्ग मीटर में फैला थीम पैवेलियन है, जो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के शौर्य, परंपरा और बलिदान को समर्पित है। पैवेलियन में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियां, 21 परमवीर चक्र विजेताओं की प्रदर्शनी, 500 से अधिक सैन्य विषयक पुस्तकों का संग्रह और 100 से अधिक विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कारगिल युद्ध, लोंगेवाला, ऑपरेशन सिंदूर से लेकर एनडीए @75 तक की यात्रा को डॉक्यूमेंट्री, वीडियो स्क्रीनिंग, वीआर फिल्म और मिश्रित मीडिया के माध्यम से जीवंत किया गया है।
थीम पैवेलियन में जनरल वी.के. सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ, एयर मार्शल विक्रम सिंह, वाइस एडमिरल (डॉ.) ए.के. चावला सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैनिक युवाओं से संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को देशभक्ति, नेतृत्व और कर्तव्यबोध से प्रेरित करना है। मेले में वंदे मातरम् के 150 वर्ष और सरदार वल्लभभाई पटेल @150 पर विशेष प्रदर्शनियां भी आयोजित की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त ऑथर्स लाउंज, पीएम-युवा 3.0, राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की 6,000 से अधिक नि:शुल्क ई-बुक्स, सांस्कृतिक संध्याएं और बाल मंडपम “किड्स एक्सप्रेस” मेले को सभी आयु वर्गों के लिए एक संपूर्ण और आनंददायक अनुभव बनाते हैं। यह मेला न केवल साहित्यिक प्रेमियों, बल्कि देशभक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने वालों के लिए भी अनूठा अवसर प्रस्तुत करता है।





