Guru Nanak Jayanti 202: गुरु नानक जयंती 2025: गुरु नानक देव जी के उपदेशों से गूंजेगा देश, गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन

Guru Nanak Jayanti 202: गुरु नानक जयंती 2025: गुरु नानक देव जी के उपदेशों से गूंजेगा देश, गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन
समानता और भक्ति का संदेश लेकर देशभर में निकलेगी नगर कीर्तन यात्राएं
गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपुरब के नाम से भी जाना जाता है, सिख धर्म के पहले गुरु — गुरु नानक देव जी — के जन्म दिवस के रूप में बड़े हर्ष और श्रद्धा से मनाई जाती है। यह पर्व कार्तिक माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर नवंबर में आती है। इस वर्ष भी देशभर के गुरुद्वारों में भक्ति, सेवा और भाईचारे की गूंज सुनाई देगी।
गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में तलवंडी (अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब) में हुआ था। उन्होंने समाज में समानता, करुणा, आत्मनिर्भरता और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उनका संदेश था — “ना कोई हिंदू, ना कोई मुसलमान, सब एक ही परमात्मा की संतान हैं।”
गुरुद्वारों में होगी भव्य सजावट और नितनेम पाठ
देशभर के प्रमुख गुरुद्वारों, जैसे अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, दिल्ली का बंगला साहिब और पटना साहिब में, विशेष दीवान, कीर्तन, अरदास और अखंड पाठ का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु सुबह से ही गुरुद्वारों में मत्था टेकने के लिए पहुंचेंगे। रात में दीपों और रंग-बिरंगी रोशनियों से गुरुद्वारों को सजाया जाएगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
लंगर में झलकेगी सेवा भावना
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं के अनुरूप इस दिन लंगर सेवा का विशेष महत्व होता है। हर वर्ग, हर धर्म और हर समुदाय के लोग एक ही स्थान पर बैठकर भोजन करते हैं — यह सिख धर्म की समानता और एकता की मिसाल है। कई जगहों पर नगर कीर्तन यात्राएं भी निकाली जाती हैं, जिनमें श्रद्धालु भक्ति गीत गाते हुए गुरु के संदेशों का प्रचार करते हैं।
आध्यात्मिकता और सद्भाव का संदेश
गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन में लोगों को सत्य, करुणा और परिश्रम का मार्ग दिखाया। उनके तीन मुख्य सिद्धांत — नाम जपना (ईश्वर का स्मरण), किरत करना (ईमानदारी से मेहनत), और वंड छकना (दूसरों के साथ बांटना) — आज भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
गुरु नानक जयंती सिर्फ एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि मानवता, समानता और भाईचारे का उत्सव है — जो हमें याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति सेवा और प्रेम में निहित है।




