AIIMS Initiative: वायु प्रदूषण से बढ़ते स्वास्थ्य खतरे से निपटने के लिए राज्यों को तैयार किया जा रहा है

AIIMS Initiative: वायु प्रदूषण से बढ़ते स्वास्थ्य खतरे से निपटने के लिए राज्यों को तैयार किया जा रहा है
नई दिल्ली। देश में वायु प्रदूषण अब केवल पर्यावरणीय चिंता नहीं रह गया है, बल्कि यह गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभर चुका है। इसी चुनौती से निपटने और स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एम्स दिल्ली ने राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की पहल शुरू की है।
एम्स के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. हर्षल साल्वे ने बताया कि वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय स्तर का ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम 15 से 17 जनवरी तक एम्स में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्यों की क्षमता बढ़ाना, स्वास्थ्य अनुकूलन योजनाओं का विकास करना और वायु प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करना था।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आकाश श्रीवास्तव और एम्स सीसीएम केंद्र की प्रमुख प्रो. किरण गोस्वामी ने की। प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और पंजाब सहित इंडो-गंगेटिक प्लेन के प्रमुख राज्यों के स्वास्थ्य अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए।
डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि वायु प्रदूषण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान के लिए मजबूत निगरानी तंत्र अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्राप्त आंकड़ों को त्वरित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्रवाई में बदलना स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी है। प्रो. गोस्वामी ने जिला-स्तरीय स्वास्थ्य अनुकूलन योजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में बदलाव के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम तैयारी संवेदनशील आबादी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
एम्स की इस पहल से राज्यों के स्वास्थ्य तंत्र को न केवल वायु प्रदूषण की पहचान में मदद मिलेगी, बल्कि त्वरित और प्रभावी स्वास्थ्य प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी, जिससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
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