AIIMS epilepsy: एम्स मिर्गी मरीजों के लिए अब नि:शुल्क थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग सुविधा देगा

AIIMS epilepsy: एम्स मिर्गी मरीजों के लिए अब नि:शुल्क थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग सुविधा देगा
नई दिल्ली। एम्स दिल्ली ने मिर्गी (एपिलेप्सी) के मरीजों के लिए थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग (टीडीएम) टेस्ट की सुविधा शुरू कर दी है। अब मरीजों को यह टेस्ट एम्स परिसर के भीतर ही मुफ्त में मिलेगा, जबकि पहले उन्हें निजी लैब में 390 रुपये से 1880 रुपये तक खर्च करना पड़ता था।
एम्स प्रशासन की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार, एम्स के सभी विभागों और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) झज्जर को निर्देश दिए गए हैं कि फेनोबार्बिटल, कार्बामाजेपाइन, वैल्प्रोइक एसिड और फिनाइटोइन जैसी दवाओं का सेवन करने वाले मिर्गी मरीजों के नमूनों की जांच न्यूरो बायो केमिस्ट्री लैब में करवाई जाए। इस टेस्ट से दवा की खुराक के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार दवा की खुराक को समायोजित किया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि दवा मरीज के शरीर में किसी प्रकार की विषाक्तता पैदा न कर रही हो।
टीडीएम एक चिकित्सीय दवा निगरानी प्रक्रिया है, जो किसी विशेष दवा के असर और सुरक्षा का आकलन करने में मदद करती है। इसका उद्देश्य मिर्गी के मरीज के लिए दवाओं को अधिकतम लाभकारी और व्यक्तिगत बनाना है। इस प्रक्रिया में बायोलॉजिकल फ्लूइड्स में दवा की सांद्रता मापी जाती है और उसके अनुसार खुराक को समायोजित किया जाता है। यह टेस्ट दवा की प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ गंभीर दवा-संबंधी प्रतिकूल घटनाओं को रोकने में भी मदद करता है।
एम्स दिल्ली और एम्स झज्जर परिसर में यह सुविधा सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक उपलब्ध रहेगी, जिससे मरीज नियमित जांच और निगरानी करवा सकेंगे।





