
Cadre Review : कैडर रिव्यू की मांग को लेकर एम्स अधिकारियों का विरोध प्रदर्शन शुरू
नई दिल्ली स्थित एम्स में नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों के कैडर रिव्यू की मांग को लेकर एम्स ऑफिसर्स एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार को जेएलएन सभागार के बाहर अधिकारियों ने काले फीते बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। एसोसिएशन का कहना है कि एम्स में कार्यरत करीब 13 हजार नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों का कैडर रिव्यू तीन दशकों से अधिक समय से लंबित है, जिससे कर्मचारियों की पदोन्नति और करियर प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
एम्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने कहा कि लंबे समय से कैडर रिव्यू लंबित रहने के कारण कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर अधिकारियों ने 10 मार्च से 20 मार्च तक रोजाना विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिकारी लंच ब्रेक के समय काले फीते बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
डॉ. अजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है और इससे मरीजों की देखभाल या अस्पताल की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने नियमित कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ करते रहेंगे और प्रदर्शन केवल लंच ब्रेक के दौरान ही किया जाएगा।
एसोसिएशन के अनुसार कैडर रिव्यू किसी भी संस्थान में कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसके माध्यम से कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति के अवसर मिलते हैं, करियर ग्रोथ सुनिश्चित होती है और संस्थान में उपलब्ध मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। लेकिन एम्स में यह प्रक्रिया करीब 30 वर्षों से लंबित है, जिसके कारण कई कर्मचारियों को उनके अनुभव और योग्यता के अनुरूप पदोन्नति नहीं मिल पाई है।
उधर एम्स प्रशासन का कहना है कि नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है और इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार ऐसी प्रक्रियाओं को पूरा होने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है।
एम्स दिल्ली के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) अंशुल मिश्रा ने कहा कि संस्थान कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और संबंधित मुद्दों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे अस्पताल की सेवाओं को सुचारू रूप से जारी रखने में सहयोग करें ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।





