Raihan Vadra Exhibition Controversy: बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाई गईं 70 से ज्यादा तस्वीरें, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

Raihan Vadra Exhibition Controversy: बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से हटाई गईं 70 से ज्यादा तस्वीरें, प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल

दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस आर्ट गैलरी में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की एकल फोटोग्राफी प्रदर्शनी उस वक्त बड़े सियासी और कलात्मक विवाद का केंद्र बन गई, जब प्रबंधन ने उनके 70 से अधिक चित्रों को प्रदर्शित करने पर रोक लगाते हुए उन्हें हटवा दिया। 24 वर्षीय युवा कलाकार और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा की ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शीर्षक वाली यह प्रदर्शनी उनके पिछले तीन वर्षों के छायांकन कार्य पर आधारित थी, जिसमें वन्यजीव, स्ट्रीट लाइफ, अमूर्त कला और देश की राजधानी में हुए अलग-अलग छात्र व युवा आंदोलनों से जुड़ी तस्वीरों को शामिल किया गया था। रेहान का यह आरोप है कि प्रदर्शनी शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले प्रबंधन ने सेंसरशिप थोपते हुए दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी तस्वीरों को हटाने का फरमान जारी कर दिया।

रेहान वाड्रा के मुताबिक, उन्होंने 15 अक्टूबर को ही बीकानेर हाउस प्रबंधन के साथ प्रदर्शनी का संपूर्ण लेआउट और चित्रों का चयन साझा कर दिया था, जिस पर उस वक्त कोई आपत्ति नहीं जताई गई थी। किंतु 22 अक्टूबर को उद्घाटन से ठीक पहले दोपहर में प्रबंधन ने फोन कर बताया कि करीब 74 तस्वीरें उनकी संस्थागत नीति के अनुरूप नहीं हैं और यदि शाम पांच बजे तक इन्हें नहीं हटाया गया तो पूरी प्रदर्शनी को रद्द कर दिया जाएगा। रेहान ने स्पष्ट किया कि इन तस्वीरों में पिछले छह-सात महीनों के दौरान राजधानी की सड़कों पर उतरे युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के सामाजिक संघर्षों का यथार्थवादी दस्तावेजीकरण था, जिनमें से किसी भी प्रकार के राजनीतिक नारे या पार्टी चिन्ह पहले ही हटा दिए गए थे। तस्वीरों को हटाने के बाद जब उन्होंने विरोधस्वरूप खाली फ्रेम लटकाए, तो प्रबंधन ने उन खाली फ्रेमों पर भी आपत्ति दर्ज कराई।

इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रेहान की मां और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी और युवा कलाकारों की रचनात्मकता को दबाने वाला कदम करार दिया। उन्होंने बताया कि कला समाज का दर्पण होती है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की तस्वीरों से किसी को असहज नहीं होना चाहिए। कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी सरकारी दबाव में कला दीर्घाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। दूसरी ओर, बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने अपने वक्तव्य में कहा है कि वे कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, किंतु परिसर में आयोजित होने वाली किसी भी प्रदर्शनी को उनकी आंतरिक आचार संहिता और गैर-विवादास्पद नीतियों के दायरे में रहना आवश्यक है। विवादों के बावजूद शेष बची कलाकृतियों के साथ यह प्रदर्शनी 25 अक्टूबर तक जारी रहेगी।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img