Delhi MCD House Ruckus: दिल्ली नगर निगम सदन में आप और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी झड़प, माइक तोड़ा और फेंकी चाय
दिल्ली नगर निगम (MCD) के सिविक सेंटर स्थित सदन की विशेष बैठक गुरुवार को भारी हंगामे, नारेबाजी और हाथापाई की भेंट चढ़ गई। शहर की लचर सफाई व्यवस्था, गहराते वायु प्रदूषण और पार्षदों की विकास निधि जैसे जनहितैषी मुद्दों पर बुलाई गई इस बैठक में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गई। दोनों दलों के पार्षद सदन के वेल में आकर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए, जहां जमकर धक्का-मुक्की हुई और माइक छीनने व तोड़ने का प्रयास किया गया। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम की गरिमा और पार्षदों के आचरण के संबंध में सियासी गलियारों में बहस छिड़ गई है।
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश ने दिल्ली की सफाई व्यवस्था और ग्रैप लागू होने के बाद भी बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए तीखा तंज कसा। इस पर आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग, महिला पार्षद शगुफ्ता चौधरी समेत कई अन्य पार्षदों ने जोरदार विरोध जताया और सीधे महापौर के आसन की ओर बढ़ गए। देखते ही देखते सदन में अभूतपूर्व अराजकता की स्थिति पैदा हो गई। कुछ पार्षदों ने डायस पर लगे माइक को खींचकर उखाड़ने की कोशिश की, जबकि यह आरोप है कि हंगामे के बीच महापौर के आसन के निकट गर्म चाय तक फेंकी गई, जिससे सदन में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
सदन में पार्षदों को मिलने वाली 2 करोड़ रुपये की वार्षिक विकास निधि का मुद्दा भी तकरार की प्रमुख कारण बना। विपक्ष ने इस फंड आवंटन पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया, जिसके जवाब में सदन के नेता जय भगवान यादव ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय भी पार्षदों को विकास कार्यों के लिए निधि दी जाती रही है, ऐसे में जनहित के विकास कार्यों के फंड का विरोध करना पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। भारी हंगामे, शोर-शराबे और कागज फाड़े जाने के बावजूद महापौर प्रवेश वाही ने महत्वपूर्ण विधायी एजेंडा पारित कराया और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। महापौर ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अनुशासनहीनता करने वाले पार्षदों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं।


