उत्तर प्रदेश, नोएडा: दंपति ने फंड दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ हड़पे

अमर सैनी

उत्तर प्रदेश, नोएडा।दिल्ली निवासी दंपति और उनके साथी ने सीएसआर फंड दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ 10 लाख रुपये हड़प लिए। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में दंपति और उसके साथी के खिलाफ सेक्टर-113 थाने में केस दर्ज हुआ है। पुलिस को दी शिकायत में सीए कमलाकर मिश्रा ने बताया कि वह पूर्व में रूद्र कृपा फाउंडेशन नामक ट्रस्ट में आर्थिक लेखा संबंधी काम करते थे। ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी माधव कांत मिश्र थे, जिनका निधन हो चुका है। ट्रस्ट के संचालन के लिए धन की आवश्यकता थी। ऐसे में माधव कांत मिश्र ने कमलाकर से सीएसएफ फंड का प्रबंध करने का अनुरोध किया। इस काम में ट्रस्टी ने पेशे से व्यापारी संजय आर्य को भी लगाया। दोनों ने विभिन्न कंपनियों में संपर्क किया तो सितंबर 2019 में कमलाकर की मुलाकात दिल्ली शाहदरा निवासी राधेश्याम सिंघल, उनकी पत्नी सरोज सिंघल और अमित अग्रवाल से हुई। तीनों ने खुद को राजेश एक्सपोर्ट का प्रतिनिधि बताया और साढ़े पांच करोड़ रुपये का सीएसआर फंड दिलाने का भरोसा दिया। तीनों ने फंड दिलाने के प्रबंध और खर्चे के नाम पर अग्रिम 1.10 करोड़ रुपये की मांग की। आरोपियों ने एक सप्ताह में बैंक खाते में साढ़े पांच करोड़ रुपये आरटीजीएस होने का दावा किया।

आरोप है कि पीड़ित ने नोएडा सेक्टर-75 में 1.10 करोड़ रुपये नगद दिए थे। एक सप्ताह बाद संपर्क करने पर तीनों ने ई-मेल भेजकर बताया कि कैनरा बैंक से राशि कट चुकी है और जल्द ही खाते में आ जाएगी। कई दिनों तक फंड नहीं आने पर जब शिकायतकर्ता ने आरोपियों से सवाल किया तो तीनों ने बरगलाना शुरू कर दिया। कई बार कहने पर आरोपियों ने 25 और 28 लाख रुपये के दो चेक दे दिए। दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद 80 लाख रुपये की डीडी दी गई। वह भी फर्जी निकली। पीड़ित ने अगस्त 2024 को पुलिस आयुक्त से शिकायत की। थाना पुलिस ने जांच के बाद अब तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।

आरोपियों ने पीड़ित को धमकी भी दी

शिकायतकर्ता का कहना है कि कई प्रयास के बाद भी जब आरोपियों ने रकम नहीं दी तो वह आरोपियों के दिल्ली के शाहदरा स्थित पते पर पहुंच गया। आरोपी रुपये मिलने का आश्वासन देते रहे। जब दोबारा शिकायतकर्ता तगादा करने आरोपी के घर पहुंचा तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि आरोपियों ने कुछ अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा किया है। पुलिस नामजद आरोपियों का आपराधिक इतिहास पता कर रही है। एक करोड़ दस लाख रुपये की रकम कई लोगों से लेकर आरोपियों को दी गई थी। पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।

ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके

सीएफआर फंड दिलाने का झांसा देकर रकम हड़पने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पुलिस इन मामलों में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर चुकी है। दिल्ली-एनसीआर में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो फंड दिलाने का झांसा देकर लोगों से संपर्क करता है और एडवांस में लाखों की रकम ले लेता है। तय समय में फंड मिलने का दावा तो आरोपियों द्वारा किया जाता है, लेकिन रकम मिलती नहीं है। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा पीड़ित को ही उल्टे केस में फंसाने की धमकी दी जाती है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img