अमर सैनी
गौतमबुद्ध नगर, नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में पिछले कुछ दिनों से किसान आंदोलन के चलते काफी बवाल हुआ है। इसी के मद्देनजर किसान आंदोलन को लेकर नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर है और अगले तीन दिनों के लिए नोएडा में धारा 163 लागू कर दी गई है। ताकि किसानों को दिल्ली की ओर कूच करने से रोका जा सके और संभल जैसी हिंसा नोएडा में न भड़के। इस दौरान पुलिस जिले के बार्डरों और गांव में नजर बनाए रखेगी।
धारा 163 लागू होने के बाद भी अगर लोग सार्वजनिक स्थान पर इकट्ठा होते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस पर जिलाधिकारी तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। बता दें कि बुधवार को बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने हंगामा किया। हंगामे के बाद अलीगढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद देर रात तक बवाल जारी रहा है। गुरुवार को हालात और खराब न हो इसी को ध्यान में रखकर जिले में धारा 163 लागू की गई है। 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के मौके पर किसान नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए नोएडा पुलिस अलर्ट मोड पर है।
इन पर रहेगी रोक
धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा अवधि के दौरान बिना अनुमति के पांच या उससे अधिक लोग एकत्र नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही जुलूस निकालने पर भी रोक रहेगी। प्रशासन की अनुमति से ही कोई कार्यक्रम या जुलूस निकाला जा सकेगा। गौतमबुद्ध नगर में लागू धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई समूह या संगठन बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर एकत्र होता है या विरोध प्रदर्शन करता है तो डीएम इस मामले में तत्काल कार्रवाई कर सकेंगे। जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है।
क्या है धारा 163?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) को 1 जुलाई 2023 से लागू किया गया है। इसके तहत प्रशासन को धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के अधिकार दिए गए हैं। पहले इसे भारतीय दंड संहिता में धारा 144 के नाम से जाना जाता था। धारा 163 के तहत स्थानीय प्रशासन किसी आपातकालीन स्थिति या किसी बड़ी परेशानी को नियंत्रित करने के लिए इसे किसी खास क्षेत्र या पूरे जिले में लागू कर सकता है।


