मकान में लगी आग, 3 बच्चियों की जलकर मौत

अमर सैनी

नोएडा। फेज वन थाना क्षेत्र में झुग्गी बस्ती के एक मकान में बुधवार सुबह ई-रिक्शा चार्ज करते समय आग लगने से तीन मासूम बच्चियां जिंदा जल गईं। तीनों मृतक बच्चियों के पिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और झुलसे युवक को नोएडा के जिला अस्पताल ले गई। वहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

डीसीपी राम बदन सिंह ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे कमरे में आग लगने की सूचना मिली।आस-पास के लोगों ने सबसे पहले फायर स्टेशन को घटना की सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने महज 10 मिनट में आग पर काबू पा लिया। हालांकि कमरे के अंदर सो रही तीन बच्चियों को नहीं बचाया जा सका।
बताया गया कि आग लगने के समय परिवार सो रहा था। झोपड़ी में सो रही बच्चियों को जान बचाने के लिए भागने का मौका भी नहीं मिला। गनीमत रही कि फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया, नहीं तो आसपास की कई अन्य झुग्गियां भी आग की चपेट में आ जातीं और मरने वालों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती थी। डीसीपी ने बताया कि तीनों लड़कियां अपने परिवार के साथ कमरे में सो रही थीं। लड़कियां बेड पर और माता-पिता फर्श पर सो रहे थे। आग ने कुछ ही मिनटों में भयानक रूप ले लिया। जिससे तीनों बच्चे आस्था (10 साल), नैना (7 साल) और आराध्या (5 साल) आग में झुलस गईं। तीनों को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों लड़कियों को मृत घोषित कर दिया। उनके पिता दौलत राम (32) को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। कमरे में बैटरी रखी हुई थी। झुग्गी में एक ही कमरा था। वहां बैटरी चार्ज हो रही थी। आशंका है कि चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ और उसमें आग लग गई। आग तेजी से फैली और कुछ ही मिनटों में उसने सो रहे बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया। सारा सामान जलकर राख हो गया।

बेटा मौसी के घर गया था

बता दें कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय दौलत राम का इकलौता बेटा हनी सेक्टर-11 में मौसी के घर सोने गया था। अगर वह वहां नहीं जाता तो वह भी हादसे का शिकार हो जाता। तीनों बहनों की मौत के बारे में बेटे को कुछ पता नहीं है। जब उससे हादसे के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि किसी का एक्सीडेंट हो गया था। उसे देखने के लिए बहनें और उसके माता-पिता वहां गए थे।

स्थानीय लोगों ने खुद बुझाई आग

पुलिस और दमकल विभाग का दावा है कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, हादसे में जान गंवाने वाली लड़कियों के मामा राहुल का कहना है कि सूचना मिलने के आधे घंटे बाद तक पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। ऐसे में स्थानीय लोगों ने खुद ही कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

पूरा परिवार एक कमरे में था
जिस कमरे में दौलत राम का परिवार सो रहा था, उसके ठीक सामने कूलर लगा हुआ था। बच्चे बेड पर और उनके माता-पिता फर्श पर सो रहे थे। रात करीब 3:00 बजे जब आग लगी तो परिवार के लोगों ने बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान वे भी आग की चपेट में आ गए। तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।

5 साल पहले मैनपुरी से आया था परिवार
स्थानीय लोगों का कहना है कि दौलत राम करीब 5 साल पहले नोएडा आया था और ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसके कई रिश्तेदार भी नोएडा में रहते हैं। हादसे के बाद इलाके में डर का माहौल है। पिछले साल भी सिलेंडर फटने से पास में ही हादसा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी।

5वीं कक्षा का छात्र है बेटा
आस-पास रहने वाले लोगों ने बताया कि हादसे का शिकार हुआ दौलत राम का बेटा हनी कोंडक ली के सरकारी प्राइमरी स्कूल में 5वीं कक्षा का छात्र है। हादसे में जान गंवाने वाली आस्था 5वीं कक्षा की छात्रा थी, नैना तीसरी कक्षा की छात्रा थी और आराध्या नर्सरी की छात्रा थी। तीनों कोंडली के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन को भी हादसे की जानकारी दी है। जिस कमरे में आग लगी है, उसके बगल में एक और परिवार रहता है। शुरुआत में उन्हें आग लगने की जानकारी नहीं थी। जब धुआं उनके कमरे तक पहुंचने लगा, तब उन्हें आग लगने का पता चला और सभी लोग बाहर भागे।

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