Greater Noida Child Kidnapping: छह साल के बच्चे का अपहरण कर दो लाख रुपये में बेचा, दो महिलाओं समेत सात आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में कासना थाना पुलिस ने छह वर्षीय बच्चे के अपहरण और उसे बेचने के मामले का खुलासा करते हुए दो महिलाओं समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बच्चे को अगवा करने के बाद उसे दूसरे व्यक्ति को सौंपने के बदले दो लाख रुपये लिए थे, जबकि ढाई लाख रुपये और दिए जाने तय हुए थे। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने अवैध हथियार, कारतूस, नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई कार व मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी श्रवण कुमार सिंह के अनुसार, 14 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने कासना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका छह वर्षीय बेटा 13 अक्टूबर को घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। परिजनों ने बच्चे की काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया और बच्चे की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया। पुलिस बच्चे की बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों और संदिग्धों की जानकारी जुटा रही थी।
पुलिस के मुताबिक, 17 अक्टूबर को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध डाढ़ा गांव के पास बच्चे के अपहरण की फिराक में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने डाढ़ा गोलचक्कर के पास वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसमें सवार लोग रुकने के बजाय तेजी से भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो कार अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकरा गई। पुलिस का कहना है कि इसके बाद कार सवार आरोपियों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में गुरमीत सिंह, सुमित कुमार और अंकित कुमार के पैर में गोली लगी। तीनों घायल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, तीन खोखा कारतूस और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। वारदात में इस्तेमाल की गई ऑरा कार को भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपियों की निशानदेही पर विकास और नकुल को डाढ़ा गोलचक्कर के पास से गिरफ्तार किया। इसके अलावा महिला आरोपियों पुष्पा और कमलेश को कासना के छह प्रतिशत आबादी क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, इन्हीं महिलाओं के कब्जे से अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद किया गया। बच्चे की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसे किस व्यक्ति को सौंपने की योजना थी और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, अंकित ने बताया कि उसने नकुल के साथ मिलकर 13 अक्टूबर की शाम काशीराम अस्पताल के सामने से मोटरसाइकिल पर बच्चे का अपहरण किया था। इसके बाद बच्चे को गुरमीत सिंह, सुमित कुमार और विकास के साथ कार में बैठाकर गाजियाबाद ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, सुमित ने पूछताछ में बताया कि उसकी मामी पुष्पा ने उसे एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी दी थी, जो नाबालिग बच्चे को खरीदने का इच्छुक था। इसके बाद कथित तौर पर सुमित ने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना तैयार की।
पुलिस का दावा है कि बच्चे को आगे सौंपने के बदले आरोपियों को दो लाख रुपये मिल चुके थे और समझौते के अनुसार ढाई लाख रुपये बाद में दिए जाने थे। जांच में कमलेश की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चे को खरीदने के लिए रकम किसने दी थी और इस कथित सौदे में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2 लाख 2 हजार 800 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसमें गुरमीत सिंह, अंकित कुमार और सुमित कुमार के पास से डेढ़ लाख रुपये, विकास और नकुल से 20-20 हजार रुपये तथा पुष्पा से 32,800 रुपये बरामद होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई ऑरा कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कासना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। गुरमीत सिंह, अंकित कुमार और सुमित कुमार के खिलाफ बुलंदशहर के सिकंदराबाद थाने में भी संबंधित धाराओं और आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संपर्क, कथित खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों और अन्य संभावित घटनाओं की जांच कर रही है।


