Noida Property Fraud: फ्लैट दिलाने के नाम पर सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक से 36.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप
नोएडा के सर्फाबाद गांव में फ्लैट दिलाने के नाम पर पुलिस विभाग के एक सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक से 36.50 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने बिल्डर समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी करने, रकम वापस नहीं करने और धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी गिरीश प्रसाद ने पुलिस को बताया कि वह पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने अपनी बेटी और दामाद के लिए नोएडा के सर्फाबाद गांव में एक फ्लैट खरीदने का सौदा किया था। इस संबंध में दिल्ली के जामिया नगर निवासी अनीस अहमद, शाहिल और असीर से बातचीत हुई थी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने जनवरी 2026 में फ्लैट खरीदने के लिए 34 लाख रुपये दिए थे। समझौते के मुताबिक, मार्च 2026 में उन्हें फ्लैट का कब्जा मिलना था।
गिरीश प्रसाद ने बताया कि जनवरी में उनकी बेटी और दामाद विदेश चले गए थे। मार्च में जब उन्होंने फ्लैट में सामान शिफ्ट कराने के लिए कब्जा मांगा तो आरोपियों ने उन्हें टालना शुरू कर दिया। इसके बाद फर्नीचर का काम कराने के नाम पर उनसे 2.50 लाख रुपये और ले लिए गए। इस तरह पीड़ित के मुताबिक, फ्लैट के लिए कुल 36.50 लाख रुपये दिए गए थे।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने मौके पर जाकर फ्लैट देखा तो उसका आकार केवल 90 गज निकला। इसके बाद 23 सितंबर को आरोपियों ने तीसरे तल के बजाय ऊपरी तल पर स्थित फ्लैट का बैनामा कराने की बात कही। गिरीश प्रसाद ने इसका विरोध किया और पहले हुए समझौते के अनुसार फ्लैट देने या रकम वापस करने की मांग की। आरोप है कि इस पर आरोपियों ने उन्हें धमकी दी और पैसे लौटाने से भी इनकार कर दिया।
इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के अनुसार, पुलिस की मौजूदगी में समझौता कराने का प्रयास किया गया और आरोपियों की ओर से कुछ चेक दिए गए। हालांकि, जब गिरीश प्रसाद ने चेक बैंक में जमा किए तो वे बाउंस हो गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस से दोबारा कार्रवाई की मांग की।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और फ्लैट के सौदे, भुगतान, बैनामे से संबंधित दस्तावेजों तथा चेक बाउंस होने के तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
