School Annual Function: अर्वाचीन भारती भवन ने ‘शक्ति’ की भावना के साथ मनाया वार्षिकोत्सव
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। विवेक विहार स्थित अर्वाचीन भारती भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिकोत्सव का आयोजन भव्यता, उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस वर्ष समारोह की विषयवस्तु ‘शक्ति’ रखी गई, जो प्रत्येक व्यक्ति के भीतर मौजूद उस आंतरिक सामर्थ्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो उसे आगे बढ़ने, सृजन करने और समाज में परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करती है। समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नृत्य, संगीत और नाट्य मंचन के माध्यम से शक्ति के विभिन्न रूपों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में शिक्षा, भारतीय संस्कृति, रचनात्मकता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की झलक देखने को मिली।
इस गरिमामय अवसर पर दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्यामेंद्र ओमपाल प्रधान, प्रभात रमन और राजेंद्र प्रसाद मीणा ने शिरकत की। वहीं, विशेष अतिथियों के रूप में संजय गोयल, पंकज लूथरा, गुरचरण सिंह और अमरिंदर सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारतीय परंपराओं और वैश्विक कलात्मक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘शिव-शक्ति’ और ‘देवी स्तुति’ की प्रस्तुतियां रहीं। विद्यार्थियों ने इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्ति, सामर्थ्य, सृजन और ब्रह्मांडीय ऊर्जा की अवधारणा को मंच पर जीवंत किया। इन कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं की झलक दिखाई दी। प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों की भाव-भंगिमाओं, मंच संचालन और सामूहिक तालमेल ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। शिव और शक्ति के प्रतीकात्मक स्वरूप के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शक्ति केवल शारीरिक सामर्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आत्मविश्वास, विवेक, साहस और सकारात्मक परिवर्तन की क्षमता भी शामिल है।
भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद कार्यक्रम ने अंतरराष्ट्रीय संस्कृतियों की ओर रुख किया। विद्यार्थियों ने कोरियाई और फ्रांसीसी नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न देशों की कलात्मक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया। इन प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा, अभ्यास और विभिन्न संस्कृतियों के प्रति उनकी समझ को प्रदर्शित किया। अलग-अलग सांस्कृतिक शैलियों के समावेश से समारोह में विविधता और नवीनता का रंग देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह भी दिखाया कि कला और संस्कृति लोगों को जोड़ने तथा विभिन्न समाजों के बीच आपसी समझ विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समारोह के दौरान एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति भी पेश की गई, जिसमें रोचक कथानक के माध्यम से ‘शक्ति’ की अवधारणा को सजीव किया गया। नाटक के जरिए आत्मविश्वास, चुनौतियों का सामना करने, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और दूसरों की सहायता करने जैसे महत्वपूर्ण संदेश सामने आए। इसके साथ ही भावपूर्ण संगीत प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में संवेदनशीलता, लय और उल्लास का संचार किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने दर्शाया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानना, उनकी रचनात्मकता को विकसित करना और उन्हें आत्मविश्वासी बनाना भी है।

वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यालय ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की विभिन्न उपलब्धियों तथा पुरस्कारों को भी साझा किया। इन उपलब्धियों को उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता की दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम बताया गया। विद्यालय की ओर से विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने पर भी जोर दिया गया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने, मंच पर आत्मविश्वास विकसित करने और सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशक डॉ. उर्मिला शर्मा ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के समर्पण, रचनात्मकता तथा परिश्रम की सराहना की। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों को कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। विद्यालय के चेयरमैन अनुरूप शर्मा और विद्यालय प्रभारी सुश्री सौम्या अनुरूप शर्मा ने भी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कारों, अनुशासन और सर्वांगीण विकास के महत्व पर बल दिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सौम्या अनुरूप शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शक्ति केवल सामर्थ्य का नाम नहीं है, बल्कि यह स्वयं पर विश्वास करने का साहस, चुनौतियों पर विजय पाने की बुद्धिमत्ता और दूसरों को सशक्त बनाने की करुणा भी है।
प्रधानाचार्या के इस संदेश ने समारोह की विषयवस्तु को व्यापक अर्थ प्रदान किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि वास्तविक शक्ति व्यक्ति के विचारों, व्यवहार, आत्मविश्वास और दूसरों के प्रति उसके दृष्टिकोण में निहित होती है। अपने भीतर की क्षमताओं को पहचानना, कठिनाइयों से सीखना और समाज के प्रति सकारात्मक जिम्मेदारी निभाना ही सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है।
अर्वाचीन भारती भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल का यह वार्षिकोत्सव सांस्कृतिक विविधता, भारतीय परंपराओं, कलात्मक अभिव्यक्ति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव बनकर सामने आया। ‘शक्ति’ की प्रेरणादायी थीम के माध्यम से विद्यालय ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने, नई चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने ज्ञान तथा प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए करने का संदेश दिया। समारोह ने शिक्षा, संस्कार और रचनात्मकता के समन्वय के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विद्यालय की प्रतिबद्धता को भी उजागर किया।

