Section 163 Noida: नोएडा में 20 अक्टूबर तक धारा 163 लागू, दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ी
नोएडा। गौतम बुद्ध नगर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पुलिस की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक जिले में कई गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। बिना पूर्व अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने, भड़काऊ भाषण देने और अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
यह आदेश ऐसे समय में लागू किया गया है, जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। प्रदर्शन से जुड़े लोगों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। विपक्षी दलों और अन्य समूहों ने देश की चुनाव प्रक्रिया को लेकर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। ये आरोप संबंधित पक्षों के दावों का हिस्सा हैं।
प्रदर्शन के आह्वान के बीच गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस बल के साथ अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की गई है। किसान संगठनों, युवा संगठनों और दूसरे समूहों की ओर से भी विभिन्न स्थानों से लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने की अपील किए जाने के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (कानून-व्यवस्था) अर्चना सिंह की ओर से जारी निषेधाज्ञा 10 से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में नवरात्रि, महानवमी और दशहरा जैसे त्योहारों के साथ विभिन्न परीक्षाएं भी निर्धारित हैं। पुलिस ने आदेश में किसानों के संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समूहों की मांगों को लेकर संभावित प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया है। आदेश के मुताबिक, असामाजिक तत्वों की ओर से सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित किए जाने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
निषेधाज्ञा के तहत पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त या पुलिस उपायुक्त से पूर्व अनुमति लिए बिना सार्वजनिक सड़कों और टोल प्लाजा पर जुलूस निकालने या उसमें शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के समूह के रूप में एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा, जब तक संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमति प्राप्त न हो।
आदेश में भड़काऊ नारे लगाने और भाषण देने के साथ ऐसी गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है, जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत होने, सामाजिक तनाव बढ़ने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचने की अपील की है।
ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर भी प्रतिबंध निर्धारित किए गए हैं। फिल्मिंग या फोटोग्राफी के लिए ड्रोन का अनधिकृत इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। सरकारी कार्यालयों के एक किलोमीटर के दायरे में ड्रोन से फिल्मिंग पर पूरी तरह रोक का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए ड्रोन, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों और पब्लिक-एड्रेस सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। सार्वजनिक सड़कों या स्थानों पर बिना अनुमति धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी मनाही होगी। आदेश में विवादित स्थलों पर अनधिकृत पूजा, धार्मिक अनादर और भड़काऊ प्रदर्शन जैसी गतिविधियों पर रोक का प्रावधान भी शामिल है।
सुरक्षा और सार्वजनिक शांति से जुड़े अन्य प्रतिबंधों के तहत हथियार लेकर चलने या उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने, हर्ष फायरिंग करने और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। अफवाहें या भ्रामक सामग्री फैलाने तथा ऐसी सामग्री जमा करने पर भी प्रतिबंध रहेगा, जिससे सुरक्षा या कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
आदेश में जबरन बाजार बंद कराने, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित करने और प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री या इस्तेमाल पर भी रोक का उल्लेख है। पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों, प्रदर्शनों और अन्य सार्वजनिक गतिविधियों के दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
परीक्षा केंद्रों के आसपास भी विशेष नियम लागू रहेंगे। आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में बड़ी भीड़ जुटाने, अनधिकृत लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और फोटोकॉपी जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षा के दौरान बिना अनुमति इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है।
फिलहाल, गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने 20 अक्टूबर तक निषेधाज्ञा लागू रहने की जानकारी दी है। जिले में त्योहारों, परीक्षाओं और प्रस्तावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील है कि वे लागू आदेशों का पालन करें और किसी भी अपुष्ट सूचना को साझा करने से बचें।


