UP MLC Election: ग्रेटर नोएडा में भाजपा का जनसंपर्क अभियान, दिनेश गोयल ने शिक्षकों से मांगे वोट
नोएडा। उत्तर प्रदेश में एमएलसी शिक्षक और स्नातक चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने ग्रेटर नोएडा में जनसंपर्क अभियान चलाया। शनिवार को दोपहर करीब 2:30 बजे दनकौर मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं ने अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों में संपर्क किया। इस दौरान स्नातक खंड के प्रत्याशी दिनेश गोयल बिहारीलाल इंटर कॉलेज पहुंचे और प्रधानाचार्य तथा शिक्षकों से मुलाकात कर आगामी 23 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।
जनसंपर्क अभियान के दौरान दिनेश गोयल ने शिक्षकों से बातचीत की और चुनाव में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षक खंड के लिए श्रीचंद शर्मा और स्नातक खंड के लिए उन्हें प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने शिक्षकों से समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
दिनेश गोयल ने शिक्षकों के हित में कई विकास कार्य कराए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने उठाया गया है। उनके अनुसार, शिक्षकों के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा और आठवें वेतन आयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जरूरतों और मांगों को संबंधित स्तर पर उठाने का प्रयास जारी रहेगा।
गोयल ने भविष्य में स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात भी कही। उन्होंने स्मार्ट क्लास, पीने के स्वच्छ पानी और जनरेटर जैसी व्यवस्थाओं को स्कूलों की आवश्यकताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उनका कहना था कि शैक्षणिक संस्थानों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होने से शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को लाभ मिल सकता है।
इस दौरान बिहारीलाल इंटर कॉलेज के प्रवक्ता कृष्ण कटियार ने कहा कि कॉलेज के सभी शिक्षक मतदान में हिस्सा लेंगे। उन्होंने विद्यालय की आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए कॉलेज में जनरेटर की व्यवस्था और विद्यार्थियों के लिए आरओ के स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी।
भाजपा के इस जनसंपर्क अभियान के जरिए शिक्षक और स्नातक खंड के चुनाव को लेकर मतदाताओं से संपर्क किया गया। प्रत्याशी दिनेश गोयल ने शिक्षकों से मतदान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की, जबकि कॉलेज की ओर से शिक्षकों और विद्यार्थियों से संबंधित बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे सामने रखे गए।


