Cyber Fraud: सर्वर हैक कर सात ट्रेडिंग खातों से कारोबार, 11 करोड़ के संभावित अवैध लाभ का आरोप

Cyber Fraud: सर्वर हैक कर सात ट्रेडिंग खातों से कारोबार, 11 करोड़ के संभावित अवैध लाभ का आरोप

नोएडा। सेक्टर-63 स्थित ट्रेडिंग प्रबंधन से जुड़ी एक कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर एमसीएक्स के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर अनधिकृत कारोबार किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने कंपनी के सिस्टम से जुड़े सात ट्रेडिंग खातों का इस्तेमाल कर कम मांग और कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस में बड़ी संख्या में ट्रेड किए। जांच के अनुसार करीब 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम के जरिए कारोबार किया गया और लगभग 11 करोड़ रुपये के संभावित अवैध लाभ का अनुमान लगाया गया है। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसे बाद में अदालत से जमानत मिल गई।

पुलिस के मुताबिक मामले में सेक्टर-61 निवासी प्रियांक द्विवेदी की शिकायत पर 18 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार 17 जून की रात करीब साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे के बीच आरोपियों ने कंपनी के सर्वर और उससे जुड़े पंजीकृत स्थिर आईपी पते का कथित तौर पर अनधिकृत इस्तेमाल किया। सर्वर में सेंध लगाने के बाद एमसीएक्स के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच बनाई गई और वहां से जुड़े ट्रेडिंग खातों के जरिए कारोबार किया गया।

जांच में सामने आया कि सात ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों का इस्तेमाल सिल्वर ऑप्शंस में कारोबार के लिए किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस अनुबंधों में कुल 1,238 ऑर्डर लगाए। इन ऑर्डरों के माध्यम से करीब 5,559 अनुबंधों में अनधिकृत ट्रेडिंग किए जाने की बात सामने आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराध की जांच में कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम यानी सीईआरटी-इन से फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया गया। फॉरेंसिक जांच में ट्रेडिंग के दौरान कीमत और कारोबार की मात्रा में कथित हेरफेर का पैटर्न सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार बेहद कम तरलता वाले एक सिल्वर ऑप्शन का भाव करीब पांच मिनट के भीतर 174 रुपये से बढ़कर 2,300 रुपये तक पहुंच गया।

जांच में करीब 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम के इस्तेमाल और लगभग 11 करोड़ रुपये के संभावित अवैध लाभ का अनुमान लगाया गया है। पुलिस इस पूरे मामले में सर्वर तक पहुंच बनाने, ट्रेडिंग खातों के इस्तेमाल और कथित लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।

मामले में इस्तेमाल किए गए सात ट्रेडिंग खातों के धारकों को आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शशिकांत साहू के खाते से करीब 3.15 करोड़ रुपये, शांति भूषण रखेजा के खाते से 2.09 करोड़ रुपये और मीनू रखेजा के खाते से करीब 2.90 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई है। इसके अलावा निहार रंजन के खाते में करीब 96 लाख रुपये, अरविंद मिश्रा के खाते में करीब 83 लाख रुपये और रवीन साहनी के खाते में करीब 73 लाख रुपये के नुकसान का उल्लेख है। रितिका लोहानी के खाते से भी कथित तौर पर अनधिकृत ट्रेडिंग की गई और उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सिल्वर ऑप्शंस की खरीद और बिक्री में शामिल कुछ लोग आपस में मिले हुए थे। शिकायत के अनुसार कम कीमत और कम मांग वाले ऑप्शंस में योजनाबद्ध तरीके से खरीदारी कर कीमत में कथित तौर पर हेरफेर किया गया और इसी प्रक्रिया के माध्यम से लाभ कमाने का प्रयास किया गया।

पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अंकित राय को गिरफ्तार किया था। उसे 4 सितंबर को अदालत में पेश किया गया, जहां से बाद में उसे जमानत मिल गई। हालांकि, इस मामले में जिन खाताधारकों को आर्थिक नुकसान होने की बात सामने आई है, उनकी रकम की वापसी को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।

पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां सर्वर में सेंध लगाने, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच बनाने और सात खातों के जरिए किए गए कथित अनधिकृत कारोबार से जुड़े डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

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