Suicide Case: सुपरनोवा की 42वीं मंजिल से युवक ने कूदकर दी जान, घटना का वीडियो सामने आया

Suicide Case: सुपरनोवा की 42वीं मंजिल से युवक ने कूदकर दी जान, घटना का वीडियो सामने आया

नोएडा। सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी की स्पायरा बिल्डिंग की 42वीं मंजिल से नीचे कूदने के बाद एक युवक की मौत हो गई। युवक ने शुक्रवार को कमरे की बालकनी से छलांग लगाई। इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सोसाइटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।

मृतक की पहचान संभव जैन के रूप में हुई है। वह गुरुग्राम के मानेसर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार संभव जैन स्पायरा बिल्डिंग में एक कमरे में एक दिन के लिए अकेले ठहरने आया था। शुक्रवार को उसने कमरे की बालकनी की रेलिंग से नीचे छलांग लगा दी।

युवक के नीचे गिरने की सूचना मिलते ही सोसाइटी में मौजूद लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। सेक्टर-126 थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने बिल्डिंग और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सके।

पुलिस के मुताबिक, युवक के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसके मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस ने आत्महत्या के कारण की पुष्टि नहीं की है। पुलिस मृतक के कमरे और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बीच सुपरनोवा सोसाइटी में किराएदारों के सत्यापन को लेकर भी सख्ती की गई है। सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन (एओए) ने शुक्रवार को हुई आम सभा की बैठक में टेनेंसी रेगुलेशन पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य सोसाइटी में किराए पर रहने वाले लोगों के सत्यापन और पृष्ठभूमि की जांच की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है।

एओए के अनुसार, सोसाइटी में फ्लैटों को अल्पकालिक व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने और अराजकता, मारपीट, अवैध कॉल सेंटर तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों के मद्देनजर यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत किराएदारों के सत्यापन और पृष्ठभूमि की जांच के लिए टेनेंसी कमेटी गठित की गई है।

नई व्यवस्था के अनुसार, मकान मालिक सीधे या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से किसी छात्र, बैचलर या नए किराएदार को फ्लैट किराए पर देने से पहले टेनेंसी कमेटी के समक्ष आवेदन और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ पुलिस सत्यापन रिपोर्ट भी देनी होगी।

टेनेंसी कमेटी किराएदार के दस्तावेजों, पृष्ठभूमि और आचरण से संबंधित जानकारी की जांच करेगी। कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित किराएदार को सोसाइटी में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यदि कमेटी की ओर से अनुमति नहीं मिलती है तो मकान मालिक संबंधित व्यक्ति को फ्लैट किराए पर नहीं दे सकेगा।

 

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