Supernova Tenancy Policy: सुपरनोवा में बैचलर्स को फ्लैट किराए पर देने पर सख्ती, PG-हॉस्टल और Airbnb पर रोक
नोएडा। सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी में छात्रों और बैचलर्स को फ्लैट किराए पर देने को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) ने टेनेंसी, ऑक्यूपेंसी और रेजिडेंट कंडक्ट पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत फ्लैट मालिकों को छात्रों और बैचलर्स की तुलना में परिवारों और वर्किंग प्रोफेशनल्स को किराए पर फ्लैट देने की सलाह दी गई है।
नई व्यवस्था के तहत सोसायटी में पहले से रह रहे छात्रों या बैचलर्स को भी एक महीने का नोटिस देकर फ्लैट खाली कराने और उसकी जगह परिवार को किराए पर देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, यदि कोई मकान मालिक मौजूदा छात्र या बैचलर किराएदार को ही जारी रखना चाहता है तो उसे यह मामला टेनेंसी कमेटी के समक्ष रखना होगा। कमेटी की मंजूरी नहीं मिलने पर संबंधित किराएदार को एक महीने के भीतर फ्लैट खाली करना होगा।
यह नीति ऐसे समय में सामने आई है जब सुपरनोवा सोसायटी में सुरक्षा और निवासियों के आचरण को लेकर कई घटनाएं चर्चा में रही हैं। हाल में बीएमडब्ल्यू कार से बैरियर तोड़े जाने की घटना के बाद भी सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। नई नीति में किराएदारों के सत्यापन, फ्लैट के इस्तेमाल और रेजिडेंट कंडक्ट से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया गया है।
PG, हॉस्टल और Airbnb पर रोक
नई नीति के तहत फ्लैट को हॉस्टल, डॉर्मिटरी, पीजी, Airbnb, गेस्ट हाउस या व्यावसायिक लॉजिंग के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई है, जहां इस तरह का उपयोग कानून या सोसायटी के नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा फ्लैट में जरूरत से ज्यादा लोगों को रखने यानी ओवरक्राउडिंग और बिना अनुमति सबलेटिंग पर भी रोक रहेगी।
एसोसिएशन का उद्देश्य फ्लैटों के आवासीय इस्तेमाल को व्यवस्थित रखना और किराएदारों की जानकारी सोसायटी के रिकॉर्ड में उपलब्ध कराना है। इसके लिए नए किराएदारों से संबंधित दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया को भी नीति का हिस्सा बनाया गया है।
शराब, धूम्रपान और नशे को लेकर सख्ती
नई नीति में सोसायटी के कॉमन एरिया में भी आचरण से जुड़े नियम तय किए गए हैं। लिफ्ट, लॉबी, कॉरिडोर, सीढ़ियों और अन्य साझा स्थानों पर धूम्रपान तथा शराब या नशीले पदार्थों के सेवन को प्रतिबंधित किया गया है।
इसके अलावा हिंसा, धमकी, अवैध हथियार, ड्रग्स, धोखाधड़ी, वेश्यावृत्ति या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में एसोसिएशन संबंधित पुलिस या सक्षम सरकारी एजेंसी को सूचना देगी। इस तरह के मामलों में सोसायटी स्तर पर कार्रवाई के साथ कानून के तहत कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी को जानकारी देने का प्रावधान रखा गया है।
बार-बार नियम तोड़ने पर अंतिम नोटिस
नीति में शिकायतों के निस्तारण के लिए भी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सामान्य मामलों में शिकायत मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति को पहले नोटिस देकर जवाब देने का अवसर दिया जाएगा। यदि नियमों का बार-बार उल्लंघन होता है तो अंतिम नोटिस जारी किया जा सकता है।
वहीं गंभीर या आपराधिक प्रकृति के मामलों में पुलिस को तत्काल सूचना देने का प्रावधान रखा गया है। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह खुद कानून के विपरीत किसी किराएदार को जबरन बेदखल नहीं कर सकती। किराएदार को हटाने की कार्रवाई लागू कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी।
पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही मिलेगा कब्जा
नई नीति के अनुसार किसी नए किराएदार को फ्लैट का कब्जा देने से पहले पुलिस या टेनेंट वेरिफिकेशन कराना जरूरी होगा। मकान मालिक को किराएदार की पहचान, मोबाइल नंबर, स्थायी पता, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट, वाहन की जानकारी और फ्लैट में रहने वाले लोगों की संख्या समेत आवश्यक जानकारी एसोसिएशन को उपलब्ध करानी होगी।
इसके साथ किरायानामा और अन्य जरूरी दस्तावेज भी SNAOA के रिकॉर्ड में जमा कराने होंगे। यदि फ्लैट में रहने वाले लोगों में बदलाव होता है या कोई नया किराएदार आता है तो इसकी जानकारी भी एसोसिएशन को देनी होगी।
नई टेनेंसी पॉलिसी के जरिए सुपरनोवा सोसायटी में किराएदारों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने की कोशिश की गई है। अब फ्लैट किराए पर देने वाले मालिकों को निर्धारित नियमों के अनुसार दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।


