Dehradun : उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन श्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने 29 सितंबर 2026 को प्रदेशभर में संपन्न छात्रसंघ चुनावों में NSUI एवं कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों की जीत पर सभी विजयी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
श्री भंडारी ने कहा कि छात्रसंघ चुनावों में NSUI ने प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके अनुसार, लगभग 45 महाविद्यालयों में NSUI ने अपना परचम लहराया है, जबकि अनेक स्थानों पर कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों ने भी जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम प्रदेश के युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और छात्रहित के मुद्दों के प्रति उनकी जागरूकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कोटद्वार, पौड़ी, केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर, सतपुली, गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, नंदानगर, नारायणबगड़, बेदीखाल, पैठाणी, अगस्त्यमुनि, चकराता, त्यूणी, डीबीएस देहरादून, सुद्धोवाला, मोरी, पुरोला, नरेंद्रनगर, बालगंगा, घनसाली, टनकपुर, चंपावत, कपकोट, गरुड़, कांडा, केएलडीएवी रुड़की, ऋषिकेश, थलीसैंण, उफरेखाल, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, सोमेश्वर, शीतलाखेत, जखोली, पोखाल, रुद्रप्रयाग, थत्यूड़, गदरपुर, बेतालघाट, मालधनचौड़, कोटाबाग, हल्दूचौड़, खटीमा सहित विभिन्न महाविद्यालयों में NSUI अथवा कांग्रेस समर्थित छात्र प्रत्याशियों ने सफलता प्राप्त की है।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर NSUI के पूरे पैनल की जीत हुई है। उदाहरण के तौर पर कर्णप्रयाग और नारायणबगड़ में NSUI के प्रत्याशियों की जीत की रिपोर्ट भी सामने आई है तथा DBS कॉलेज देहरादून में NSUI के अभिनव को अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने की सूचना प्रकाशित हुई है।
छात्रसंघ चुनाव में प्रशासनिक हस्तक्षेप के आरोप गंभीर : भंडारी
भंडारी ने आरोप लगाया कि छात्रसंघ चुनावों के दौरान प्रदेश के कुछ महाविद्यालयों में प्रशासनिक हस्तक्षेप और दबाव की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने विशेष रूप से DAV कॉलेज देहरादून और हल्द्वानी के छात्रसंघ चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न विवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। DAV कॉलेज में मतगणना के दौरान हंगामे की खबरें भी सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रसंघ जैसे लोकतांत्रिक मंच पर भी प्रशासनिक दबाव अथवा हस्तक्षेप की स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह गंभीर प्रश्न खड़े करता है। “छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला हैं। यहां पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
श्री भंडारी ने टनकपुर महाविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां NSUI के पूरे पैनल की जीत के बावजूद परिणाम घोषित करने में कथित देरी को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों की घोषणा बिना किसी दबाव और पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए।
विधानसभा चुनाव से पहले लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करे सरकार
भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार और प्रशासन को अभी से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस किसी भी चुनावी चुनौती से पीछे हटने वाली नहीं है। कांग्रेस जनता के बीच अपने विचार, अपने संघर्ष और अपने कार्यों को लेकर जाएगी। हम दबाव की राजनीति में विश्वास नहीं करते। हमारा विश्वास लोकतंत्र, संविधान और जनता की ताकत में है।” उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को चाहिए कि वह पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव के लिए करने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने पर ध्यान दे।
“युवा जाग चुका है, लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस हर मोर्चे पर खड़ी रहेगी”
भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा अपने अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर जागरूक है। छात्रसंघ चुनावों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी इसका प्रमाण है।
उन्होंने प्रदेश के छात्र-छात्राओं और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे संविधान, लोकतंत्र, शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और किसी भी प्रकार के कथित प्रशासनिक दबाव या लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।


