UP International Trade Show: पीयूष गोयल बोले- यूपी के विकास की गूंज अब दुनिया में सुनाई दे रही
ग्रेटर नोएडा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के विशेष व्यापार सत्र में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी प्रगति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने विकास और निवेश के क्षेत्र में बदलाव किया है और उत्तर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों तथा औद्योगिक विस्तार की चर्चा अब देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। गोयल ने राज्य को वैश्विक व्यापार, निवेश और निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।
पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, आधुनिक एयरपोर्ट, औद्योगिक पार्क और नई औद्योगिक परियोजनाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में निवेश राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में बदलाव का संकेत देता है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रही रोबोटिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को भी इसी बदलाव का उदाहरण बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास की अगली दिशा अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ी होगी। उनके मुताबिक राज्य के स्थानीय उत्पादों और ब्रांडों के लिए वैश्विक बाजारों में अवसर बढ़ रहे हैं और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के विस्तार से भारतीय कंपनियों को कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों से वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुसार गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने का आह्वान किया।
पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश का वर्तमान वार्षिक निर्यात करीब 2 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर है और राज्य ने इसे वर्ष 2030 तक 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी निवेश आकर्षित करना और राज्य के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत करना इस लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के कारोबारियों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने वाले मंच के रूप में बताया। गोयल के अनुसार, ट्रेड शो में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने के अवसर मिलते हैं। इस वर्ष UPITS में छह साझेदार देशों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ कारोबारी बैठकों पर भी जोर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के साथ हो रहे और प्रस्तावित व्यापार समझौतों का लाभ उत्तर प्रदेश के छोटे-बड़े उद्योगों को उठाना चाहिए। उन्होंने कारोबारियों से स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने और वैश्विक मांग के मुताबिक नए उत्पाद विकसित करने की अपील की। उनके मुताबिक, निर्यात बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन क्षमता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, पैकेजिंग, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय बाजार की समझ भी जरूरी है।
अपने संबोधन के दौरान गोयल ने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के कारोबारी माहौल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उस समय कानून-व्यवस्था और कारोबारी वातावरण को लेकर उद्यमियों में चिंता थी और बड़े निवेश को लेकर पर्याप्त विश्वास नहीं था। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली नीतियों से कारोबारी माहौल में बदलाव आया। ये आकलन केंद्रीय मंत्री द्वारा कार्यक्रम में रखे गए राजनीतिक और नीतिगत दावे थे।
राज्य की राजस्व व्यवस्था का उल्लेख करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि राजस्व संग्रह में वृद्धि का इस्तेमाल विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में किया जा रहा है। ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश का आबकारी राजस्व वर्ष 2016-17 के 14,273 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 60,728 करोड़ रुपये हो गया, यानी इसमें चार गुना से अधिक वृद्धि हुई। उन्होंने यह भी कहा कि चालू वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
भूमि हस्तांतरण, पंजीकरण शुल्क और स्टांप ड्यूटी से होने वाली आय में भी वृद्धि का उल्लेख करते हुए गोयल ने बताया कि यह राजस्व 2016-17 के 11,564 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 के बजट में 43,802 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने खनन क्षेत्र के राजस्व में भी बढ़ोतरी का उल्लेख किया और कहा कि विभिन्न राजस्व स्रोतों से प्राप्त धन राज्य के आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने में लगाया जा रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए विकास का अगला चरण केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, निवेश और पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। साथ ही उन्होंने प्रदेश के स्थानीय ब्रांडों को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों और उद्यमियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ नई तकनीक आधारित औद्योगिक गतिविधियों के लिए भी जगह बन रही है। ऐसे में निजी क्षेत्र और कारोबारी समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों, सेवाओं और औद्योगिक क्षमताओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
विशेष व्यापार सत्र में उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।


