Land Dispute: जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप, विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट
नोएडा। फेज-तीन थाना क्षेत्र के गढ़ी चौखंडी गांव में जमीन पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी एक व्यक्ति ने दो लोगों पर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करने, विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद फेज-तीन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गढ़ी चौखंडी गांव निवासी सतीश शर्मा पुत्र रमेश चंद्र शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव में उनकी जमीन है। उनका आरोप है कि उनकी जमीन से संबंधित दस्तावेजों में कथित रूप से फर्जी तरीके से पंजीकृत अनुबंध कराया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि सतीश शर्मा पुत्र रामपत शर्मा और गोपाल शर्मा का संबंधित जमीन पर कोई वैध अधिकार नहीं है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन को लेकर विवाद के बीच आरोपियों की ओर से कथित तौर पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पास जमीन के स्वामित्व और अपने दावे से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। उनका कहना है कि इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा सकती है।
सतीश शर्मा ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े विवाद को लेकर आरोपी कई बार उनके घर पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। शिकायत में गाली-गलौज तथा अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित का कहना है कि लगातार मिल रही कथित धमकियों और विवाद के कारण उनका परिवार दहशत में है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच के दौरान पुलिस जमीन से संबंधित दस्तावेजों, कथित पंजीकृत अनुबंध और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पड़ताल करेगी। साथ ही मारपीट और धमकी से संबंधित घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
मामले में पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर सकती है और जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा सकता है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कथित अनुबंध किस परिस्थिति में कराया गया और उसमें किसी तरह की अनियमितता या फर्जीवाड़ा हुआ है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


