Cyber Crime Case: 14.47 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर तीन लोगों पर धोखाधड़ी और धमकी का केस
नोएडा। सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में 14 लाख 47 हजार 500 रुपये के लेनदेन से जुड़े विवाद में तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया है। सेक्टर-22 निवासी पूरन सिंह पवार की शिकायत पर पुलिस ने पंकज सिंह बिष्ट, मोहित आर्या और रोहित मोनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें 24 नवंबर 2025 को 14 लाख 47 हजार 500 रुपये की राशि प्राप्त होनी थी। आरोप है कि पंकज सिंह बिष्ट ने यह रकम नई दिल्ली स्थित एसके स्टील ट्रेडर के खाते में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद रकम को लेकर विवाद सामने आया और शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की।
पूरन सिंह पवार ने बताया कि उन्होंने 26 नवंबर 2025 को साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रोहित मोनी नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोहित मोनी ने केस वापस लेने और रकम वापस दिलाने की बात कहते हुए शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया तथा कथित तौर पर रुपये ऐंठने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान आरोपियों की ओर से उन्हें अलग-अलग तरीकों से परेशान किया गया और धमकियां दी गईं। इसके चलते वह कई दिनों तक भय के माहौल में रहे। बाद में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को देते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर पंकज सिंह बिष्ट, मोहित आर्या और रोहित मोनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही लेनदेन में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है, ताकि रकम के ट्रांसफर की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।
जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 14.47 लाख रुपये की रकम किस खाते में और किस प्रक्रिया के तहत ट्रांसफर हुई। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए उनसे पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोपियों के पते की जानकारी उपलब्ध नहीं होने की बात कही है। वहीं, जिन मोबाइल नंबरों के जरिए उनकी आरोपियों से बातचीत हो रही थी, वे अब बंद बताए जा रहे हैं। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


