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UP RERA Interest Refund: यूपी रेरा ने 430 शिकायतकर्ताओं को लौटाया बैंक में लंबित रकम पर मिला ₹73.84 लाख ब्याज

UP RERA Interest Refund: यूपी रेरा ने 430 शिकायतकर्ताओं को लौटाया बैंक में लंबित रकम पर मिला ₹73.84 लाख ब्याज

नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान खरीदने वाले शिकायतकर्ताओं को राहत देते हुए रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) के जरिए वसूल की गई रकम पर बैंक में लंबित रहने के दौरान मिले ब्याज का भुगतान किया है। प्राधिकरण के मुताबिक अब तक 430 शिकायतकर्ताओं को कुल 73.84 लाख रुपये ब्याज के रूप में लौटाए जा चुके हैं।

अधिकारी के अनुसार, किसी बिल्डर के खिलाफ यूपी रेरा का आदेश जारी होने के बाद बकाया रकम की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इसके आधार पर राजस्व विभाग बिल्डर से संबंधित रकम की वसूली कर उसे बैंक में जमा कराता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत वसूली गई धनराशि संबंधित शिकायतकर्ता को भुगतान की जाती है।

कई मामलों में वसूली और शिकायतकर्ता को भुगतान के बीच कुछ समय का अंतर रहता है। इस अवधि के दौरान रकम बैंक खाते में जमा रहती है और उस पर ब्याज भी प्राप्त होता है। यूपी रेरा ने तय किया कि मूल रकम के साथ बैंक में लंबित अवधि के दौरान अर्जित ब्याज पर भी संबंधित शिकायतकर्ता का अधिकार है।

इसी व्यवस्था के तहत प्राधिकरण ने बैंक में जमा रकम की अवधि और उस पर प्राप्त ब्याज की गणना कर शिकायतकर्ताओं को ब्याज की राशि का भुगतान किया है। अब तक 430 मामलों में कुल 73.84 लाख रुपये ब्याज के रूप में वितरित किए जा चुके हैं।

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि यह कदम शिकायतकर्ताओं के वित्तीय हितों की रक्षा करने और रिकवरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका कहना है कि प्राधिकरण का प्रयास है कि आरसी के माध्यम से वसूल की गई रकम शिकायतकर्ताओं को समय पर मिले और बैंक में लंबित रहने के दौरान उस पर अर्जित ब्याज का लाभ भी उन्हें दिया जाए।

रेरा की इस पहल से उन फ्लैट और दुकान खरीदारों को लाभ मिल रहा है जिनके मामलों में बिल्डर के खिलाफ आदेश के बाद आरसी के माध्यम से रकम वसूल की गई थी, लेकिन भुगतान से पहले धनराशि कुछ समय तक बैंक में जमा रही। प्राधिकरण के मुताबिक ऐसे मामलों में ब्याज की गणना कर पात्र शिकायतकर्ताओं को उसका भुगतान किया जा रहा है।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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