Food Restaurant Fine: नोएडा में दो फूड रेस्टोरेंट पर 3 लाख रुपये का जुर्माना, कचरा और तेल निस्तारण में मिली लापरवाही
नोएडा। स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं करने वाले दो फूड रेस्टोरेंट के खिलाफ कार्रवाई की है। प्राधिकरण की टीम ने निरीक्षण के दौरान नियमों में लापरवाही मिलने पर दोनों संस्थानों पर कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सेक्टर-41 स्थित रिबेल फूड प्राइवेट लिमिटेड पर 2 लाख रुपये और सेक्टर-12 स्थित बारकोस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश के अनुसार, दोनों स्थानों के निरीक्षण के दौरान कचरा प्रबंधन और पर्यावरण से जुड़े नियमों के अनुपालन में कमियां मिलीं। निरीक्षण में सामने आई खामियों के आधार पर संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई की गई।
सेक्टर-12 में गीला और सूखा कचरा मिला-जुला
सेक्टर-12 स्थित बारकोस के निरीक्षण के दौरान गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा था। मौके पर मिक्स वेस्ट पाया गया। प्राधिकरण की टीम को ईटीपी प्लांट भी संचालित अवस्था में नहीं मिला।
इसके अलावा संस्थान की ओर से बल्क वेस्ट जनरेटर से संबंधित नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। कचरा प्रबंधन से जुड़ी इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने बारकोस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
सेक्टर-41 में नाले में डाला जा रहा था इस्तेमाल किया तेल
सेक्टर-41 स्थित रिबेल फूड प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण में अलग तरह की लापरवाही सामने आई। प्राधिकरण के अनुसार, संस्थान में इस्तेमाल किया जाने वाला तेल सीधे पब्लिक ड्रेन में डाला जा रहा था। निरीक्षण के दौरान पानी में मच्छरों के लार्वा भी पाए गए।
यहां भी बल्क वेस्ट जनरेटर से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन कमियों के आधार पर प्राधिकरण ने रिबेल फूड प्राइवेट लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर लगातार हो रही जांच
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में सफाई, कचरा प्रबंधन और पर्यावरणीय मानकों के पालन की लगातार निगरानी की जा रही है। विभिन्न संस्थानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर यह देखा जा रहा है कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार कचरे का निस्तारण कर रहे हैं या नहीं।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी.


