Farmers Protest: राकेश टिकैत की चेतावनी—मांगें नहीं मानीं तो प्राधिकरणों का काम रोकेंगे, 10% प्लॉट और मुआवजे की मांग

Farmers Protest: राकेश टिकैत की चेतावनी—मांगें नहीं मानीं तो प्राधिकरणों का काम रोकेंगे, 10% प्लॉट और मुआवजे की मांग

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में जमीन अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों और लंबित मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में किसान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कार्यालयों पर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में किसानों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, 10 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड, आबादी से जुड़े मामलों के निस्तारण और वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करने की मांग उठाई।

किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच कहा कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। टिकैत ने चेतावनी दी कि अधिकारी किसानों की बात सुनने और समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे नहीं आए तो प्राधिकरणों का काम रोका जाएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि किसान लंबे समय से अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका अधिकार मिलना चाहिए और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड तथा 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे की मांग पूरी की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन्हीं मांगों को लेकर किसानों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के कार्यालयों का घेराव किया है। आंदोलन के दौरान अलग-अलग प्राधिकरणों पर भारतीय किसान यूनियन के जोनल पदाधिकारियों ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। किसानों ने प्राधिकरणों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना ने बताया कि किसानों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देना, आबादी से संबंधित मामलों का निस्तारण करना, पात्र किसानों को 10 प्रतिशत विकसित आवासीय भूखंड उपलब्ध कराना और वर्ष 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों को लागू करना प्रमुख है।

उन्होंने कहा कि तीनों प्राधिकरणों पर प्रदर्शन के बाद किसान नेता और संगठन के पदाधिकारी बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। मांगों पर प्रशासन और प्राधिकरणों की प्रतिक्रिया देखने के बाद आंदोलन के अगले चरण का फैसला किया जाएगा।

उधर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर किसान सभा का धरना पहले से जारी है। किसान सभा के कार्यकर्ता नौ सितंबर से अपनी मांगों को लेकर प्राधिकरण कार्यालय पर बैठे हैं। सोमवार को धरने का छठा दिन रहा। आंदोलन में आसपास के गांवों से भी किसान पहुंच रहे हैं।

किसान सभा के जिलाध्यक्ष रुपेश वर्मा ने आरोप लगाया कि कई दिनों से धरना चलने के बावजूद अधिकारियों ने किसानों की मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया है। उनका कहना है कि किसानों को हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन लंबित मुद्दों का स्थायी निस्तारण नहीं हो रहा।

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को उनका निर्धारित हक मिलना चाहिए और वर्षों से लंबित आबादी तथा मुआवजे से जुड़े मामलों का जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए।

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