Delhi Teacher Murder: किलोकरी में शोर-शराबे का विरोध करने पर मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर की पीट-पीटकर हत्या
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में देर रात शोर-शराबे का विरोध करने पर मणिपुर के रहने वाले 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूजिक टीचर की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान चोंगथम विक्रम सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उनके घर के सामने मौजूद कुछ डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारी शोर-शराबा कर रहे थे। विक्रम सिंह ने जब इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और उन पर हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह को उनके बेटे ने अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामले में सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 15 वर्षीय एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्यों की जांच करने के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हमले में पकड़े गए लोगों की क्या-क्या भूमिका थी।
पुलिस के मुताबिक घटना 6 सितंबर की रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच किलोकरी गांव में हुई। चोंगथम विक्रम सिंह यहां रहते थे और रिटायर्ड संगीतकार तथा म्यूजिक टीचर थे। घटना वाली रात उनके घर के सामने कुछ लोग मौजूद थे, जिनमें कथित तौर पर डिलीवरी बॉय और आसपास के ढाबों से जुड़े कर्मचारी शामिल थे।
आरोप है कि ये लोग देर रात वहां शोर-शराबा और हंगामा कर रहे थे। आवाज सुनकर विक्रम सिंह अपने घर से नीचे आए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों को शोर करने से रोका और उन्हें समझाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर मुक्कों और अन्य तरीके से वार किए। अचानक हुए हमले में विक्रम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले की जानकारी मिलने के बाद विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान विक्रम सिंह ने दम तोड़ दिया।
घटना के संबंध में सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली। इसके बाद मामले की जानकारी एएसआई वीरेंद्र सिंह को दी गई और पुलिस ने जांच शुरू की। विक्रम सिंह की मौत की पुष्टि होने के बाद मामले में हत्या की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाके से मामले से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू की। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान 19 वर्षीय भरत कुमार, 26 वर्षीय प्रमोद, 22 वर्षीय रमजान खान, 21 वर्षीय दीपांशु, 32 वर्षीय मोहन विश्वकर्मा, 36 वर्षीय विजय और 26 वर्षीय मन्नू के रूप में हुई है।
इसके अलावा पुलिस ने मामले में 15 साल के एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए लोगों में कई आसपास के ढाबों और फूड आउटलेट से जुड़े हुए हैं। सभी से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विक्रम सिंह के घर के सामने उस समय कितने लोग मौजूद थे और विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात को लेकर हुई। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मारपीट में कौन-कौन सीधे शामिल था और प्रत्येक आरोपी की घटना में क्या भूमिका रही।
घटनास्थल और उसके आसपास उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से समझने की कोशिश कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि शोर-शराबे को लेकर शुरू हुई कहासुनी आखिर हिंसक हमले तक कैसे पहुंच गई।
विक्रम सिंह मणिपुर के रहने वाले थे और लंबे समय तक संगीत से जुड़े रहे थे। उनके रिटायर्ड म्यूजिक टीचर होने के कारण घटना के सामने आने के बाद मामले ने लोगों का ध्यान खींचा। एक सामान्य आपत्ति को लेकर शुरू हुए विवाद में उनकी मौत ने रिहायशी इलाके में देर रात होने वाले हंगामे और छोटी कहासुनी के हिंसक रूप लेने को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के अलावा मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। जांच का उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि हमला पूर्व नियोजित था या अचानक हुए विवाद के बाद स्थिति हिंसक हो गई। फिलहाल पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह की मौत के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। जिस शोर-शराबे को रोकने के लिए वह अपने घर से नीचे आए थे, वही विवाद कथित तौर पर उनकी हत्या की वजह बन गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े सभी तथ्य और आरोपियों की अलग-अलग भूमिकाएं अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।


