Mathura : मथुरा में भाजपा नेता और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के बयान पर सियासत तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोकदल ने मंत्री के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। आरएलडी के जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि मंत्री की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है और यह गठबंधन धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। इस तरह के बयानों से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है और सहयोगी दलों के बीच गलतफहमी पैदा होती है।
आरएलडी जिलाध्यक्ष ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2019 में भाजपा ने 62 सीटें जीती थीं जबकि 2024 में भाजपा का स्ट्राइक रेट घटकर 44 प्रतिशत रह गया और 75 में से 33 सीटें ही जीत पाई। इसके मुकाबले आरएलडी ने 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ अपनी दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि हर चुनाव नए मुद्दों और नए समीकरणों पर लड़ा जाता है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने खुद अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लोकदल से की थी। चौधरी परिवार की तीन पीढ़ियों ने उन्हें अलग अलग समय पर चुनाव लड़वाया, इसलिए उन्हें आरएलडी और चौधरी परिवार के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए।
आरएलडी को केवल एक वर्ग की पार्टी बताए जाने पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि आरएलडी किसानों, गरीबों, मजदूरों और सभी समाजों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने मंत्री को सलाह दी कि वह बेवजह की बयानबाजी छोड़कर छाता शुगर मिल को दोबारा चालू कराने जैसे किसान हित के मुद्दों पर ध्यान दें।
आरएलडी नेता ने कहा कि मंत्री जिस तरह समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की वकालत कर रहे हैं उससे लगता है कि वह अपनी टिकट को लेकर आशंकित हैं और सपा कांग्रेस गठबंधन से सांठगांठ की कोशिश में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जयंत चौधरी के नेतृत्व में आरएलडी एनडीए की मजबूत सहयोगी है और आगामी विधानसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे।


