Juvenile Home: संप्रेषण गृह को बोर्डिंग स्कूल की तरह देखें : न्यायमूर्ति अजय भनोट

Juvenile Home: संप्रेषण गृह को बोर्डिंग स्कूल की तरह देखें : न्यायमूर्ति अजय भनोट

नोएडा में बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के लिए बनाए गए थीम पार्क का उद्घाटन इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति और किशोर न्याय समिति के चेयरपर्सन अजय भनोट ने किया। इस दौरान उन्होंने संप्रेषण गृह में रह रहे बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई, भोजन, स्वास्थ्य और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।

न्यायमूर्ति अजय भनोट ने बच्चों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संप्रेषण गृह में रहने वाले बच्चों को इस स्थान को केवल एक संस्थान के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे बोर्डिंग स्कूल की तरह समझना चाहिए। उन्होंने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

बाल संप्रेषण गृह में करीब 100 बच्चे रह रहे हैं। थीम पार्क तैयार होने के बाद अब बच्चों को खेलने और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान उपलब्ध हो गया है। अधिकारियों और अतिथियों का मानना है कि पार्क में बच्चों को खाली समय बिताने का अवसर मिलेगा और खेलकूद के माध्यम से वे तनाव से भी राहत पा सकेंगे।

न्यायमूर्ति ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ यह भी जाना कि बच्चों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं है। बच्चों की ओर से बताई गई समस्याओं पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि हर बच्चे में आगे बढ़ने और अपने जीवन को नई दिशा देने की क्षमता होती है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन, शिक्षा और सकारात्मक वातावरण की है। उन्होंने बच्चों को अपने भविष्य पर ध्यान देने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों को न्यायमूर्ति अजय भनोट सहित कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों ने सराहा। अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पढ़ाई के साथ रचनात्मक और सकारात्मक गतिविधियों में भी हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

बताया गया कि थीम पार्क का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका था। इसके उद्घाटन के बाद अब संप्रेषण गृह में रह रहे बच्चों को इसका नियमित रूप से उपयोग करने का अवसर मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार पार्क बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ उनके मानसिक तनाव को कम करने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में जिला जज, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शारदा यूनिवर्सिटी और जीएल बजाज संस्थान के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की सुविधाओं और उनके बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

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