Cyber Fraud: नौकरी और क्रिप्टो निवेश के नाम पर दो लोगों से 25 लाख रुपये की साइबर ठगी

Cyber Fraud: नौकरी और क्रिप्टो निवेश के नाम पर दो लोगों से 25 लाख रुपये की साइबर ठगी
नोएडा में साइबर अपराधियों ने नौकरी और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर दो लोगों से करीब 25 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में पीड़ितों ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराने के बाद साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार सेक्टर-93 निवासी आशीष एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और विदेश में बेहतर नौकरी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इंटरनेट पर जर्मनी की एक कंपनी में नौकरी संबंधी जानकारी खोजी। 13 मई 2025 को उनके व्हाट्सएप पर विक्रम दीक्षित नाम के व्यक्ति का संदेश आया, जिसने खुद को एक प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें प्रबंधक पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
आरोपी ने मेडिकल परीक्षण, जॉब सर्टिफिकेट, वीजा प्रक्रिया, ट्रैवल टिकट और अन्य दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर अलग-अलग शुल्क जमा कराने की बात कही। नौकरी मिलने की उम्मीद में आशीष ने 15 मई से 27 मई के बीच आठ अलग-अलग किस्तों में करीब 13 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब लंबे समय तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला और दस्तावेजों की जांच में वे फर्जी पाए गए, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने 28 मई को एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
दूसरे मामले में सेक्टर-51 निवासी भूपेंद्र कुमार को व्हाट्सएप पर नीता शर्मा नाम की महिला ने संपर्क किया। उसने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का दावा किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। इसके बाद सात से 13 जुलाई के बीच भूपेंद्र ने 15 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में करीब 12 लाख रुपये आरोपी द्वारा बताए गए खातों में जमा कर दिए। बाद में जब उन्होंने अपनी रकम और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपी टालमटोल करने लगे और अंततः संपर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया।
डीसीपी साइबर सुरक्षा शैव्या गोयल ने बताया कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, डिजिटल वॉलेट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन नौकरी या निवेश के प्रस्ताव पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से नौकरी की पुष्टि करें और क्रिप्टो या शेयर बाजार में केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही निवेश करें। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने, प्रोसेसिंग फीस, वीजा, टिकट या अधिक मुनाफे का लालच देकर पैसे मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।





