Housing Scam: ग्रेटर नोएडा हाउसिंग प्रोजेक्ट धोखाधड़ी में सीबीआई ने रुद्र बिल्डवेल और उसके निदेशक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

Housing Scam: ग्रेटर नोएडा हाउसिंग प्रोजेक्ट धोखाधड़ी में सीबीआई ने रुद्र बिल्डवेल और उसके निदेशक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
ग्रेटर नोएडा के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के खिलाफ सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी का कहना है कि घर खरीदारों और निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी के मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। सीबीआई की इस कार्रवाई को लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान ऐसे कई साक्ष्य सामने आए जिनसे यह संकेत मिला कि कंपनी और उसके निदेशक ने योजनाबद्ध तरीके से घर खरीदारों और निवेशकों को आकर्षक वादों तथा भ्रामक दावों के जरिए परियोजना में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। लोगों को समय पर फ्लैट देने, बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में इन वादों को पूरा नहीं किया गया। इससे बड़ी संख्या में खरीदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी कंपनी और उसके निदेशक ने कथित रूप से आपराधिक साजिश के तहत निवेशकों का विश्वास जीतकर धन एकत्र किया और बाद में परियोजना से जुड़े वादों को पूरा नहीं किया। सीबीआई का मानना है कि यह एक सुनियोजित आर्थिक अपराध था, जिसमें बड़ी संख्या में घर खरीदार प्रभावित हुए। इसी आधार पर भारतीय दंड संहिता की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है।
सीबीआई ने बताया कि मामले की जांच के दौरान परियोजना से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। एजेंसी का कहना है कि यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि देशभर में बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े कथित हाउसिंग घोटालों की जांच अभी भी जारी है। वर्तमान में सीबीआई विभिन्न बिल्डर कंपनियों और कुछ वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 36 अन्य मामलों की जांच कर रही है। इन मामलों में घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी, परियोजनाओं के लिए जुटाई गई धनराशि के दुरुपयोग और फंड डायवर्जन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
सीबीआई के अनुसार, ये सभी मामले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किए गए थे, ताकि लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे हजारों घर खरीदारों को राहत मिल सके और दोषियों की जवाबदेही तय की जा सके। एजेंसी पहले भी रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकॉन, जेपी इंफ्राटेक, एवीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, सीक्वल बिल्डकॉन, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स, मंजू जे होम्स, शुभकामना बिल्डटेक, नाइनक्स डेवलपर्स और डिसेंट बिल्डवेल समेत कई बिल्डर कंपनियों तथा उनके निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
सीबीआई का कहना है कि हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े आर्थिक अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही एजेंसी प्रभावित घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अन्य मामलों की भी व्यापक जांच कर रही है।





