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Cyber Fraud: नोएडा में IGL कर्मचारी बनकर 21.27 लाख की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

Cyber Fraud: नोएडा में IGL कर्मचारी बनकर 21.27 लाख की ठगी, 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में साइबर अपराध थाना पुलिस ने खुद को आईजीएल (IGL) का कर्मचारी बताकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गैस कनेक्शन का बिल बकाया होने का झांसा देकर एक बुजुर्ग से 21.27 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। जांच के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। मामले में साइबर अपराध से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक बिसरख निवासी 61 वर्षीय गुजीब कालरा ने 9 मार्च को साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 1 मार्च को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को आईजीएल का कर्मचारी बताया। आरोपी ने कहा कि गैस कनेक्शन का बिल बकाया है और यदि तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उसने ऑनलाइन भुगतान के लिए एक फर्जी लिंक भेजा।

पीड़ित ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक कर बैंक से जुड़ी जानकारी दर्ज की, साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना ली। कुछ ही समय में आरोपियों ने 11 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पीड़ित के खाते से कुल 21 लाख 26 हजार 835 रुपये निकाल लिए। यह रकम विभिन्न बैंकों के क्रेडिट कार्ड भुगतान के माध्यम से ट्रांसफर की गई। खाते से पैसे कटने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक निवासी सचिन कुमार, बिसरख निवासी शहनवाज शेख, शिवम पांडेय और शुभम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी इस साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे।

पूछताछ में सामने आया कि शिवम पांडेय और शुभम कुमार सिंह साइबर ठगों को लोगों के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। उन्होंने सचिन कुमार और शहनवाज शेख के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कराया, जिसके बदले उन्हें 10 से 20 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। जांच में पता चला कि सचिन के क्रेडिट कार्ड में 1.49 लाख रुपये और शहनवाज के कार्ड में दो किस्तों में 4.78 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सचिन कुमार 12वीं पास है और एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत है। वहीं शहनवाज शेख बीए पास है और एक निजी कंपनी में डिजिटल मार्केटिंग का काम करता है। शुभम कुमार सिंह बार में वेटर के रूप में कार्य करता है, जबकि शिवम पांडेय फिलहाल बेरोजगार है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया गया है।

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि गैस बिल, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट या किसी अन्य सेवा के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें। किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से ही करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध कॉल या लिंक प्राप्त हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दें।

 

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