SUMAN Roadmap 2030: मातृ एवं नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए केंद्र का बड़ा प्लान, 13 राज्यों के 130 जिलों पर रहेगा फोकस

SUMAN Roadmap 2030: मातृ एवं नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए केंद्र का बड़ा प्लान, 13 राज्यों के 130 जिलों पर रहेगा फोकस
केंद्र सरकार ने देश में सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ नवजात शिशुओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुमन रोडमैप 2030’ लॉन्च किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को 16वें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद सम्मेलन के दौरान इस राष्ट्रीय कार्ययोजना का शुभारंभ किया। इस रोडमैप का लक्ष्य वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु अनुपात को प्रति एक लाख जीवित जन्म पर 70 से नीचे लाना, नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी करना और रोकथाम योग्य मातृ एवं नवजात मौतों को लगभग शून्य तक पहुंचाना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के 130 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। योजना में गर्भधारण से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल तक पूरे जीवन चक्र को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की गई है। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव और अनुप्रिया पटेल भी मौजूद रहे।
रोडमैप के अंतर्गत हाई-रिस्क गर्भावस्था की चार-स्तरीय पहचान और डिजिटल निगरानी, एआई आधारित लेबर रूम, जननी पोर्टल, सुमन कॉल सेंटर, बर्थ वेटिंग होम, हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू), आईसीयू और बेहतर रेफरल सिस्टम विकसित किए जाएंगे। आशा कार्यकर्ता गर्भावस्था के अंतिम दो महीनों में प्रत्येक 15 दिन पर घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच, पोषण संबंधी परामर्श और सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए महिलाओं को जागरूक करेंगी। इसके अलावा ‘सुमन पंचायत’ और ‘मदर्स पिकनिक’ जैसी सामुदायिक पहलें भी इस अभियान का हिस्सा होंगी।
सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत स्वास्थ्य ढांचा और सामुदायिक भागीदारी के जरिए मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और देश सुरक्षित मातृत्व के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा।





