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Medicine Quality: देश में 159 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, असम में मिली एक नकली दवा

Medicine Quality: देश में 159 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, असम में मिली एक नकली दवा

नई दिल्ली, 22 जून। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की मई 2026 की मासिक गुणवत्ता निगरानी रिपोर्ट में देशभर में 159 दवा नमूनों के गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार एक दवा नकली यानी स्प्यूरियस भी पाई गई है।

सीडीएससीओ के मुताबिक केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में जांच किए गए 46 दवा नमूनों को ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (एनएसक्यू) घोषित किया गया है। वहीं विभिन्न राज्यों की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान 113 नमूने गुणवत्ता मानकों पर असफल पाए गए।

औषधि नियामक के अनुसार किसी दवा को एनएसक्यू घोषित करने का मतलब है कि वह परीक्षण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों में से एक या उससे अधिक मानकों पर खरी नहीं उतरी। हालांकि यह निष्कर्ष केवल जांच किए गए विशेष बैच पर लागू होता है और इससे उसी दवा के अन्य बैचों की गुणवत्ता पर कोई सीधा असर नहीं माना जाता।

मई 2026 की रिपोर्ट में असम से एक स्प्यूरियस यानी नकली दवा का मामला भी सामने आया है। जांच में पता चला कि यह दवा किसी अधिकृत निर्माता द्वारा तैयार नहीं की गई थी, बल्कि किसी अनधिकृत निर्माता ने दूसरी कंपनी के ब्रांड नाम का गलत इस्तेमाल कर इसे तैयार किया था।

सीडीएससीओ ने बताया कि नकली दवा के मामले की जांच जारी है। संबंधित मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और उसके नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीडीएससीओ ने कहा कि देशभर में दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य औषधि नियामकों के साथ मिलकर नियमित निगरानी की जाती है। हर महीने दवाओं के नमूनों की जांच कर घटिया गुणवत्ता वाली और नकली दवाओं की पहचान की जाती है।

औषधि नियामक का उद्देश्य ऐसी दवाओं को बाजार से हटाना है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों के अनुसार दवाओं की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने और सख्त कार्रवाई करने से स्वास्थ्य क्षेत्र में भरोसा बनाए रखने में मदद मिलती है।

 

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