NPCL Employee Assault: बिजली पोल लगाने पहुंचे एनपीसीएल कर्मचारी से मारपीट, गोली मारने की धमकी; मामला दर्ज
NPCL Employee Assault: बिजली पोल लगाने पहुंचे एनपीसीएल कर्मचारी से मारपीट, गोली मारने की धमकी; मामला दर्ज
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर गुर्जर गांव में सरकारी कार्य के दौरान एनपीसीएल (नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड) से जुड़े एक लाइनमैन के साथ कथित मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित कर्मचारी की शिकायत पर कासना कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार अलीगढ़ निवासी उमर, इप्पैल्को इलेक्ट्रिकल कंपनी में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में बिजली संबंधी कार्यों का संचालन कर रहे हैं। गुरुवार को वह सलेमपुर गुर्जर गांव में बिजली के खंभे लगाने के सरकारी कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान शाम करीब पांच बजे एक ट्रैक्टर, जिसमें बिजली के पोल लदे हुए थे, सड़क किनारे खड़ा किया गया था।
पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान गांव का निवासी विनीत उर्फ मिंटू मौके पर पहुंचा और ट्रैक्टर खड़ा होने को लेकर आपत्ति जताने लगा। आरोप है कि उसने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लाइनमैन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने कथित रूप से लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने मारपीट के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने कहा कि वह पिस्तौल लेकर आएगा और गोली मार देगा। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सरकारी कार्य भी बाधित हो गया।
घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस रिस्पांस व्हीकल (पीआरवी) मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पीड़ित ने कासना कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी विनीत उर्फ मिंटू सलेमपुर गुर्जर गांव का निवासी है। कासना कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों के दौरान इस तरह की घटनाएं न केवल सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करती हैं, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।


