Uttar Pradesh : बुलंदशहर के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर का पहला दौरा, विकास और सुशासन पर दिया जोर

Bulandshahar (अवनीश त्यागी) : बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और जनपद के नवनियुक्त प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर का गुरुवार को प्रथम आगमन हुआ। प्रभारी मंत्री बृहस्पतिवार शाम करीब 5 बजे बुलंदशहर पहुंचे और कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उनके काफिले में पुलिस और प्रशासनिक वाहनों के अतिरिक्त एक दर्जन से अधिक गाड़ियां शामिल थीं। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। गेस्ट हाउस में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रभारी मंत्री का अभिनंदन किया। इसके बाद उन्होंने जनपद की प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों पर अधिकारियों के साथ प्रारंभिक चर्चा की।

प्रभारी मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बुलंदशहर को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना उनका लक्ष्य होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि जनपद के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सुरेंद्र दिलेर जैसे ऊर्जावान और कर्मठ व्यक्तित्व को प्रभारी मंत्री का दायित्व मिला है। उनके मार्गदर्शन में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
बैठक में जिलाधिकारी कुमार हर्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त विधायक प्रदीप चौधरी, अनिल शर्मा, संजय शर्मा, सीपी सिंह लोधी, लक्ष्मी राज सिंह और मीनाक्षी सिंह सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रभारी मंत्री के इस स्वागत कार्यक्रम को भाजपा संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय तथा जनपद के विकास की दिशा में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।




