Janganana 2027: जनगणना 2027 के प्रगणकों को समय पर मिलेगा मानदेय, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
Janganana 2027: जनगणना 2027 के प्रगणकों को समय पर मिलेगा मानदेय, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
नोएडा। जनगणना 2027 के कार्य में लगे प्रगणकों और कर्मचारियों के बीच मानदेय भुगतान को लेकर फैल रही विभिन्न प्रकार की अफवाहों पर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कर्मचारियों से भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील की है। नोएडा प्राधिकरण ने कहा है कि जनगणना कार्य पूरा होने के बाद मानदेय भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध तरीके से किया जाएगा और कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से किसी अतिरिक्त ई-प्रगणना कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि कुछ लोगों द्वारा यह गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि ई-प्रगणना (ई-एन्यूमरेशन) का कार्य पूरा करने के बावजूद कर्मचारियों को लंबे समय तक मानदेय के लिए इंतजार करना पड़ेगा। प्रशासन ने इस दावे को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि कार्य पूर्ण होने के बाद भुगतान की स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था निर्धारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार जब कोई प्रगणक अपने निर्धारित क्षेत्र का गणना कार्य पूरा कर पूर्णता प्रमाण पत्र भरकर जमा करेगा, तो अगले ही दिन संबंधित पर्यवेक्षक द्वारा उसका सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रथम चरण का मानदेय सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से संबंधित कर्मचारी के बैंक खाते में भेज दिया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि ई-प्रगणना कार्य पूर्ण होने के बाद किसी कर्मचारी को दूसरी ई-प्रगणना लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों को उनके निर्धारित दायित्वों के अनुसार ही कार्य आवंटित किया जाएगा। प्रशासन ने जनगणना कार्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न सरकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इसमें लगे सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। प्राधिकरण ने यह भी कहा कि जनगणना कार्य प्रत्येक सरकारी कर्मचारी की नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों का हिस्सा है। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्यभार के लिए अलग से मानदेय प्रदान करती है। ऐसे में किसी कर्मचारी को अपने नियमित कार्यालयीन दायित्वों से बचने या कार्य में लापरवाही बरतने के लिए जनगणना ड्यूटी का बहाना नहीं बनाना चाहिए। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी अपने मूल विभागीय कार्यों की उपेक्षा करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और संबंधित कर्मचारियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी को आगे न बढ़ाएं। प्राधिकरण का कहना है कि जनगणना 2027 का कार्य पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता के साथ पूरा कराया जाएगा तथा सभी पात्र कर्मचारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका मानदेय समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।




