Delhi Government Employees: दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की मांग तेज! नर्सों ने कहा- 6 महीने का बकाया HRA जल्द जारी करे सरकार

Delhi Government Employees: दिल्ली सरकार के कर्मचारियों की मांग तेज! नर्सों ने कहा- 6 महीने का बकाया HRA जल्द जारी करे सरकार
दिल्ली सरकार के कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ ने लंबित हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA एरियर को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर दी है। ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेज फेडरेशन यानी एआईजीएनएफ ने दिल्ली सरकार से जनवरी 2024 से जून 2024 तक के 6 महीने के बकाया HRA एरियर का जल्द भुगतान करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
फेडरेशन की महासचिव अनीता पंवार और अध्यक्ष रिंकी डंग ने कहा कि केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने 12 मार्च 2024 को महंगाई भत्ता यानी डीए को 46 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का आदेश जारी किया था। इसके साथ ही नियमों के अनुसार HRA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी 1 जनवरी 2024 से स्वतः लागू हो गई थी। फेडरेशन का कहना है कि केंद्र सरकार के लगभग सभी मंत्रालयों और स्वायत्त संस्थानों ने इस आदेश को लागू करते हुए कर्मचारियों को बढ़ा हुआ HRA देना शुरू कर दिया था।
एआईजीएनएफ के मुताबिक एम्स दिल्ली, दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, पीजीआईएमईआर, जीआईपीएमईआर, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और डाक विभाग समेत कई संस्थानों ने 1 जनवरी 2024 से बढ़ा हुआ HRA लागू कर कर्मचारियों को उसका लाभ दे दिया। लेकिन दिल्ली सरकार ने इस फैसले को 1 जुलाई 2024 से लागू किया, जिसके कारण कर्मचारियों का 6 महीने का एरियर अब तक अटका हुआ है।
फेडरेशन ने अपने पत्र में कहा कि पूरे देश में केंद्र सरकार के आदेश की एक समान व्याख्या की गई, लेकिन दिल्ली सरकार ने अलग तरीके से इसे लागू किया, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। संगठन का आरोप है कि स्पष्ट सरकारी निर्देश न होने की वजह से अस्पताल प्रशासन भी लंबित एरियर जारी नहीं कर रहा है। इससे विशेष रूप से नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
एआईजीएनएफ ने मंत्री प्रवेश वर्मा से मांग की है कि दिल्ली सरकार के कर्मचारियों और नर्सों के साथ न्याय करते हुए जनवरी 2024 से जून 2024 तक का बकाया HRA एरियर जल्द जारी किया जाए। फेडरेशन का कहना है कि महंगाई के दौर में कर्मचारियों का यह पैसा लंबे समय तक रोकना उचित नहीं है और सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेना चाहिए।





