Greater Noida : अस्तौली में डंपिंग ग्राउंड निर्माण पर रोक, किसानों के विरोध के बाद प्रशासन ने लिया फैसला

Greater Noida: अस्तौली में डंपिंग ग्राउंड निर्माण पर रोक, किसानों के विरोध के बाद प्रशासन ने लिया फैसला
ग्रेटर नोएडा के अस्तौली गांव में प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह फैसला किसानों के लंबे विरोध और धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन और किसानों के बीच हुई बैठक में लिया गया। 12 अप्रैल से चल रहे आंदोलन के चलते शुक्रवार को प्राधिकरण, एनटीपीसी और किसान प्रतिनिधियों के बीच अहम वार्ता हुई, जिसमें निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति बनी।
बैठक में ग्रेटर नोएडा एसीईओ लक्ष्मी सिंह, एनटीपीसी के अधिकारी और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। किसानों की ओर से भारतीय किसान यूनियन टिकैत और अस्तौली गांव के करीब 60 से 65 किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता भाकियू टिकैत के नेता पवन खटाना ने की।
वार्ता के दौरान किसानों ने डंपिंग ग्राउंड परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इसे किसी भी हालत में गांवों के बीच नहीं बनने दिया जाएगा। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास करीब नौ गांव बसे हुए हैं, जिससे लाखों लोगों की आबादी, पर्यावरण और कृषि भूमि पर गंभीर असर पड़ेगा।
किसानों ने आरोप लगाया कि डंपिंग ग्राउंड बनने से क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा कृषि गतिविधियों और जमीन की उपजाऊ क्षमता पर भी खतरा पैदा होगा। किसान नेता पवन खटाना ने बैठक में स्पष्ट कहा कि या तो डंपिंग ग्राउंड की योजना रद्द की जाए या फिर प्रभावित नौ गांवों को स्थानांतरित किया जाए।
लंबी चर्चा के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि जब तक इस मामले का कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक डंपिंग ग्राउंड से संबंधित कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। इस निर्णय के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक आश्वासन पर नजर रखी जाएगी।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई है।





