AIIMS smart glasses: AIIMS की नई पहल: AI स्मार्ट विजन ग्लासेस से नेत्रहीनों की जिंदगी में आएगा बड़ा बदलाव

AIIMS smart glasses: AIIMS की नई पहल: AI स्मार्ट विजन ग्लासेस से नेत्रहीनों की जिंदगी में आएगा बड़ा बदलाव
नई दिल्ली में All India Institute of Medical Sciences ने दृष्टिबाधित और नेत्रहीन लोगों के जीवन को अधिक आसान और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। एम्स के Dr. Rajendra Prasad Centre for Ophthalmic Sciences द्वारा एआई आधारित स्मार्ट विजन ग्लासेस का वितरण किया गया है, जो उपयोगकर्ताओं को अपने आसपास की दुनिया को समझने में मदद करेगा।
देश में लाखों लोग स्थायी दृष्टिबाधिता से जूझ रहे हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता पर गहरा असर पड़ता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए ये स्मार्ट ग्लासेस टेक्स्ट-टू-स्पीच, चेहरे और वस्तु पहचान, बाधा पहचान, नेविगेशन और इमरजेंसी सपोर्ट जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं। यह तकनीक उपयोगकर्ता को रियल-टाइम ऑडियो गाइडेंस देती है, जिससे वह अपने आसपास के माहौल को बेहतर तरीके से समझ सकता है।
यह कार्यक्रम Rotary District 3012, Vision-Aid और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से आयोजित किया गया। इसके तहत न केवल स्मार्ट ग्लासेस वितरित किए गए, बल्कि लाभार्थियों को प्रशिक्षण और निरंतर सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान Radhika Tandon ने कहा कि एआई आधारित सहायक तकनीकें क्लीनिकल इलाज के साथ मिलकर मरीजों की निर्भरता कम करती हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाती हैं। वहीं Praveen Vashist ने जानकारी दी कि इस पहल के तहत 40 बच्चों को स्मार्ट ग्लासेस दिए गए हैं, जबकि इससे पहले जनवरी में 53 लाभार्थियों को यह सुविधा मिल चुकी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये स्मार्ट विजन ग्लासेस केवल एक उपकरण नहीं बल्कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए “डिजिटल आंख” की तरह काम करते हैं। इससे वे पढ़ाई, काम और रोजमर्रा के कार्य बिना दूसरों पर निर्भर हुए आसानी से कर सकते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता दोनों बेहतर होती है।





