Safdarjung hospital : 932 किलो रद्दी से बचाए 11 पेड़, सफदरजंग अस्पताल बना पर्यावरण और संवेदनशीलता की मिसाल

Safdarjung hospital : 932 किलो रद्दी से बचाए 11 पेड़, सफदरजंग अस्पताल बना पर्यावरण और संवेदनशीलता की मिसाल
नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ने पर्यावरण संरक्षण और मानवीय चिकित्सा सेवा दोनों क्षेत्रों में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए मिसाल पेश की है। कायाकल्प अभियान के तहत अस्पताल ने 932 किलो रद्दी को रिसाइक्लिंग में बदलकर न केवल कचरे का बेहतर निपटान किया, बल्कि 11 पेड़ों को कटने से भी बचा लिया।
यह पहल कायाकल्प यूनिट, जनरल स्टोर और वर्ल्ड वाइड फंड (WWF) के सहयोग से संचालित की गई। माइक्रोबायोलॉजी विभाग और नए इमरजेंसी ब्लॉक से एकत्रित की गई रद्दी को रिसाइक्लिंग प्रक्रिया में उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरण को बड़ा लाभ मिला। इस प्रयास से 1,175 किलोग्राम लकड़ी की बचत हुई, 16,776 लीटर पानी संरक्षित किया गया और लगभग 504 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोकने में सफलता मिली।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह पहल केवल कचरा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है। इससे यह संदेश गया है कि स्वास्थ्य संस्थान भी जलवायु और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसी के साथ अस्पताल ने मरीजों की देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया है। एनेस्थीसिया और आईसीयू विभाग की पैलिएटिव केयर यूनिट द्वारा ‘संवाद वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों को मरीजों और उनके परिजनों से संवेदनशील तरीके से बातचीत करने का प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यशाला में कठिन परिस्थितियों में संवाद स्थापित करना, गंभीर बीमारी की जानकारी साझा करना और इलाज से जुड़ी सहमति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया गया। इसका उद्देश्य डॉक्टर-रोगी संबंध को और अधिक मानवीय और भरोसेमंद बनाना है।
निदेशक डॉ. कविता रानी शर्मा और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. चारू बांबा के नेतृत्व में यह पहल इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक अस्पताल अब केवल इलाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।





