INS Mahendragiri Induction: भारतीय नौसेना को मिला स्टेल्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’, समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा

INS Mahendragiri Induction: भारतीय नौसेना को मिला स्टेल्थ फ्रिगेट ‘महेंद्रगिरी’, समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा
भारत की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए स्वदेशी अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस महेंद्रगिरी’ को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया है। यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत तैयार किए गए नीलगिरी श्रेणी के फ्रिगेट्स में छठा है और इसे मुंबई स्थित मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। इस उपलब्धि को खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि महज 17 महीनों के भीतर छठे युद्धपोत की डिलीवरी भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज प्रगति को दर्शाती है। ‘महेंद्रगिरी’ को आधुनिक समुद्री युद्ध की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें उन्नत स्टेल्थ तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यह दुश्मन के रडार से बचने में सक्षम है। इसके साथ ही इसमें अत्याधुनिक हथियार प्रणाली, हाई-टेक सेंसर और स्वचालित संचालन प्रणाली शामिल है, जो इसे हर प्रकार के युद्ध परिदृश्य में प्रभावी बनाती है।
इस युद्धपोत में सीओडीओजी प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह तेज गति और बेहतर संचालन क्षमता हासिल करता है। यह फ्रिगेट एंटी-एयर, एंटी-सर्फेस और एंटी-सबमरीन युद्ध में पूरी तरह सक्षम है, जिससे भारतीय नौसेना की बहुआयामी ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। ‘महेंद्रगिरी’ को भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है, जो देश की स्वदेशी रक्षा तकनीक की क्षमता को भी दर्शाता है। इस परियोजना में करीब 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है और इसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की भागीदारी रही है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को भी मजबूती प्रदान करती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अत्याधुनिक युद्धपोत भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे और देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएंगे।





