Uttar Pradesh : गंगा एक्सप्रेस-वे से यूपी में बहेगी विकास की गंगा, 12 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास को नई दिशा देने जा रहा है। आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जा रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ेगा, जिससे प्रदेश के 12 जिलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज तक का सफर अब लगभग 11 घंटे से घटकर करीब 6 घंटे का रह जाएगा। मेरठ, जो पहले से ही एक प्रमुख औद्योगिक शहर है, अपने खेल सामान, रेडीमेड गारमेंट्स और चमड़े के उत्पादों के लिए जाना जाता है। पहले इन उत्पादों का मुख्य बाजार दिल्ली हुआ करता था, लेकिन अब एक्सप्रेस-वे के जरिए ये सामान शाहजहांपुर, लखनऊ, रायबरेली और प्रयागराज समेत अन्य जिलों तक आसानी से पहुंच सकेगा। इससे व्यापारियों और ग्राहकों दोनों को लाभ होगा और मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स व वेयरहाउसिंग सेक्टर में भी तेजी आएगी, जिससे हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मेरठ जिले में एक्सप्रेस-वे की लंबाई लगभग 15 किलोमीटर है, जिसकी शुरुआत बिजौली गांव से होती है। वहीं हापुड़ जिले को भी इस परियोजना से नई पहचान मिलेगी। यहां से आलू और अन्य सब्जियों का व्यापार पूर्वांचल तक आसानी से किया जा सकेगा। भविष्य में यहां इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने की योजना है, जहां उत्पादन, भंडारण और परिवहन की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
बुलंदशहर में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 120 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दिल्ली और गाजियाबाद जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें अपने ही जिले में अवसर मिल सकेंगे। साथ ही बुलंदशहर और प्रयागराज के बीच कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी, जहां अभी सीमित रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। भविष्य में इस एक्सप्रेस-वे को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस-वे भी बनाया जाएगा, जिसका बड़ा हिस्सा बुलंदशहर में होगा।
संभल, जो धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, भी इस परियोजना से लाभान्वित होगा। यहां स्थित भगवान कल्कि विष्णु मंदिर, मनोकामना मंदिर, गौरी सहाई मंदिर और चामुंडा माता मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अब अधिक सुगम हो जाएगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे के चालू होने से शाहजहांपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे प्रदेश के व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलने की संभावना है।




