Kharif 2026: से पहले किसानों को बड़ी राहत, उर्वरकों का रिकॉर्ड स्टॉक और कीमतें स्थिर

Kharif 2026 से पहले किसानों को बड़ी राहत, उर्वरकों का रिकॉर्ड स्टॉक और कीमतें स्थिर
खरीफ सीजन 2026 से पहले केंद्र सरकार ने देश के किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार की ओर से उर्वरकों का रिकॉर्ड स्तर पर भंडारण सुनिश्चित किया गया है, जिससे इस बार न केवल मांग आसानी से पूरी होगी, बल्कि किसानों को महंगाई के दबाव से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में आयोजित अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने अग्रिम योजना, बेहतर लॉजिस्टिक्स और संतुलित आयात-उत्पादन रणनीति के जरिए उर्वरकों की आपूर्ति को मजबूत किया है। कृषि और किसान कल्याण विभाग के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए कुल 390.54 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता आंकी गई है, जबकि वर्तमान में करीब 190 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक पहले से उपलब्ध है, जो सामान्य स्तर से काफी अधिक है।
सरकार के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों के भंडारण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल आपूर्ति श्रृंखला मजबूत हुई है, बल्कि पीक सीजन के दौरान किसी भी तरह की कमी की आशंका भी काफी हद तक कम हो गई है।
कीमतों के मोर्चे पर भी किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें तेजी से बढ़कर करीब ₹4000 प्रति बैग तक पहुंच चुकी हैं, वहीं भारत में सरकार की सब्सिडी और नियंत्रण व्यवस्था के चलते कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। वर्तमान में यूरिया ₹266.5 प्रति बैग, डीएपी ₹1350 और टीएसपी ₹1300 प्रति बैग की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों को महंगाई से बचाने के लिए कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। इसके साथ ही घरेलू उत्पादन को बढ़ाने, गैस आपूर्ति को स्थिर रखने और आयात को संतुलित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त वैश्विक निविदाएं भी जारी की हैं, ताकि किसी भी स्थिति में उर्वरकों की उपलब्धता प्रभावित न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और स्थिर कीमतों के कारण किसानों को समय पर बुवाई करने में सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।





